Delhi: जंतर मंतर पर खाना ले जा रहे लड़कों को हिरासत में लेने का दावा गलत, दिल्ली पुलिस ने दी सफाई
Delhi: जंतर मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच खाना ले जा रहे लड़कों को हिरासत में लेने की खबर सामने आई थी, जिसे अब दिल्ली पुलिस ने पूरी तरह गलत बताया है। पुलिस का कहना है कि यह दावा भ्रामक और आधारहीन है। पुलिस ने साफ
Delhi: जंतर मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच खाना ले जा रहे लड़कों को हिरासत में लेने की खबर सामने आई थी, जिसे अब दिल्ली पुलिस ने पूरी तरह गलत बताया है। पुलिस का कहना है कि यह दावा भ्रामक और आधारहीन है। पुलिस ने साफ किया है कि वहां केवल रूटीन चेकिंग चल रही थी और किसी को खाना ले जाने से नहीं रोका गया।
साउथ ईस्ट दिल्ली के DCP रवि कुमार सिंह ने X पर इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी के तहत पिकट चेकिंग और वेरिफिकेशन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक गाड़ी को केवल पहचान पत्र की जांच के लिए रोका गया था। जब आईडी चेक की जा रही थी, तब ड्राइवर गाड़ी और उसमें मौजूद सामान के साथ वहां से चला गया। पुलिस को इस बात की जानकारी तब हुई कि खाना प्रदर्शनकारियों के लिए था, जब ड्राइवर जा चुका था।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब Cockroach Janta Party (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने लड़कों को हिरासत में लेने का दावा किया था। दिल्ली पुलिस ने इसे एक सामान्य वेरिफिकेशन प्रक्रिया को गलत तरीके से पेश करने की कोशिश बताया है।
बता दें कि NEET पेपर लीक मामले को लेकर CJP के नेतृत्व में 6 जून 2026 से जंतर मंतर पर प्रदर्शन चल रहा है, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है। इस बीच नई दिल्ली जिले में धारा 163 (पहले की धारा 144) लागू है, जिसके तहत बिना अनुमति के पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है। पुलिस ने यह भी साफ किया कि NSA के तहत निवारक हिरासत की शक्तियों का विस्तार एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसका संबंध CJP के विरोध प्रदर्शन से नहीं है।