Delhi: दिल्ली पुलिस ने लोगों को साइबर ठगों से सावधान रहने की सलाह दी है। हाल ही में एक व्यक्ति से निवेश के नाम पर 15 लाख रुपये की ठगी हुई है। ठग लोगों को ज्यादा मुनाफे और निवेश की नई ट्रिक्स का लालच देकर अपने जाल में फंस
Delhi: दिल्ली पुलिस ने लोगों को साइबर ठगों से सावधान रहने की सलाह दी है। हाल ही में एक व्यक्ति से निवेश के नाम पर 15 लाख रुपये की ठगी हुई है। ठग लोगों को ज्यादा मुनाफे और निवेश की नई ट्रिक्स का लालच देकर अपने जाल में फंसाते हैं और पैसे मिलने के बाद गायब हो जाते हैं।
कैसे होती है निवेश के नाम पर ठगी
साइबर अपराधी अक्सर सोशल मीडिया या मैसेज के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं। वे आकर्षक रिटर्न्स और बड़ी कमाई का वादा करते हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, ठग निवेश की फर्जी ट्रिक्स सिखाते हैं और जब पीड़ित उन पर भरोसा करके बड़ी रकम जमा कर देता है, तो वे रफूचक्कर हो जाते हैं।
हाल ही में पकड़े गए बड़े साइबर ठग
- 12 मई 2026 को दिल्ली पुलिस ने बेंगलुरु के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर रवि राठौर को गिरफ्तार किया। उस पर फर्जी ट्रेडिंग ऐप और वेबसाइट के जरिए करीब 100 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है।
- 11 मई 2026 को झारखंड से एक 25 साल के युवक को पकड़ा गया, जिसने एक फर्जी APK फाइल भेजकर दिल्ली के निवासी से 80,000 रुपये ठगे थे।
ठगी होने पर क्या करें और कहाँ शिकायत करें
अगर आपके साथ या किसी जानने वाले के साथ साइबर फ्रॉड होता है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। यह सेवा गृह मंत्रालय के तहत I4C द्वारा 24 घंटे चलाई जाती है। समय पर सूचना देने से 20 से 30 प्रतिशत तक पैसे वापस मिलने की संभावना रहती है। इसके अलावा आप www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
साइबर ठगी की शिकायत के लिए कौन सा नंबर डायल करें
साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। यह टोल-फ्री नंबर 24 घंटे काम करता है।
क्या ठगी के बाद पैसे वापस मिल सकते हैं
हाँ, अगर घटना के तुरंत बाद 1930 पर रिपोर्ट की जाती है, तो करीब 20 से 30 प्रतिशत तक की राशि रिकवर होने की संभावना रहती है।