Delhi Police की बड़ी कार्रवाई, अवैध सिम रैकेट का भंडाफोड़ और ट्रैफिक प्रहरी अभियान से जुड़े 10 लाख लोग

Delhi: दिल्ली पुलिस इन दिनों शहर की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए कई मोर्चों पर काम कर रही है। पुलिस ने जहाँ एक तरफ साइबर ठगी को रोकने के लिए अवैध सिम कार्ड बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है, वहीं ट्रै

Delhi: दिल्ली पुलिस इन दिनों शहर की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए कई मोर्चों पर काम कर रही है। पुलिस ने जहाँ एक तरफ साइबर ठगी को रोकने के लिए अवैध सिम कार्ड बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है, वहीं ट्रैफिक नियमों को बेहतर बनाने के लिए जनता को अपने साथ जोड़ा है। इसके अलावा बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के ‘ट्रैफिक प्रहरी’ अभियान को जनता का बड़ा समर्थन मिला है। अब तक 10 लाख से अधिक नागरिक इस मुहिम से जुड़ चुके हैं। इस पहल का मकसद सड़क सुरक्षा में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाना है ताकि लोग ट्रैफिक नियमों का पालन करें और सड़कों पर अनुशासन बना रहे। इस स्कीम के तहत नागरिक मोबाइल ऐप के जरिए नियमों का उल्लंघन करने वालों की रिपोर्ट कर सकते हैं, जिसके लिए उन्हें इनाम भी दिया जाता है।

साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने हिंदू राव अस्पताल के पास से शिवन नाम के एक PoS एजेंट को गिरफ्तार किया है। यह एजेंट बिना किसी सही KYC और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के अवैध सिम कार्ड एक्टिवेट कर रहा था। ये सिम कार्ड देशभर के साइबर ठगों को दिए जाते थे, जिनका इस्तेमाल लोगों को ठगने के लिए किया जा रहा था। जांच में सामने आया है कि इस आरोपी से जुड़े सिम कार्ड्स का इस्तेमाल अलग-अलग राज्यों में 18 से ज्यादा साइबर फ्रॉड के मामलों में हुआ है।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर दिल्ली पुलिस जुलाई महीने में विशेष जागरूकता अभियान चला रही है। इसी कड़ी में DCP West Delhi ने तिहाड़ स्थित निर्मल छाया में बच्चों के लिए एक खास प्रोग्राम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में बच्चों को POCSO एक्ट, साइबर सुरक्षा और आत्मरक्षा के तरीकों के बारे में बताया गया। दिल्ली के उपराज्यपाल के निर्देश पर स्कूलों में सुरक्षा ऑडिट और बच्चों की सेफ्टी के लिए पुलिस की तैनाती भी बढ़ाई जा रही है।