Delhi में रायसीना रोड पर डंपर वीडियो को लेकर विवाद, दिल्ली पुलिस ने बताया पूरा मामला

Delhi: रायसीना रोड पर ईंटों से भरे एक डंपर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद काफी विवाद खड़ा हो गया था। CJP के संस्थापक ने इस डंपर को एक साजिश का हिस्सा बताया था, लेकिन अब दिल्ली पुलिस ने इस पूरे मामले पर अपनी स

Delhi: रायसीना रोड पर ईंटों से भरे एक डंपर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद काफी विवाद खड़ा हो गया था। CJP के संस्थापक ने इस डंपर को एक साजिश का हिस्सा बताया था, लेकिन अब दिल्ली पुलिस ने इस पूरे मामले पर अपनी सफाई दी है। पुलिस ने वीडियो की टाइमलाइन जारी करते हुए बताया कि यह डंपर किसी साजिश का नहीं बल्कि एक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा था।

नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा ने बताया कि यह डंपर 16 जुलाई 2026 को एक सड़क हादसे के बाद पुलिस ने जब्त किया था। इस हादसे में सात लोग घायल हुए थे। पुलिस के मुताबिक, 20 जुलाई की सुबह कानून व्यवस्था को देखते हुए इस डंपर को खाली कर एक सुरक्षित जगह पर भेज दिया गया था। इसी दिन CJP के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ गए थे, जिसके बाद भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया था।

इस मामले में कई और दावे भी सामने आए। इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के कार्यकर्ताओं ने कहा कि यही डंपर 25 जुलाई तक उनके दफ्तर के बाहर खड़ा था और बहस के बाद उसे हटाया गया। दूसरी तरफ, न्यूजलांड्री की एक जांच में दावा किया गया कि डंपर 16 जुलाई से पुलिस की हिरासत में था, जो पुलिस के 19 जुलाई को खाली करने के बयान से अलग है।

पुलिस ने यह भी साफ किया कि CJP संस्थापक अभिजीत दीपके की मौत की खबरें पूरी तरह फर्जी हैं और वह सुरक्षित हैं। साथ ही, दिल्ली पुलिस ने बताया कि 20 और 22 जुलाई की हिंसा के करीब 100 CCTV वीडियो की जांच की जा रही है। फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) के जरिए 2,873 संदिग्ध लोगों की पहचान की गई है। पुलिस ने भ्रामक जानकारी फैलाने वाले पाकिस्तान से संचालित 480 सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक भी किया है और चेतावनी दी है कि गलत सूचना फैलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी।