Delhi के अशोक विहार स्कूल में पुलिस ने छात्राओं को सिखाए सुरक्षा के गुर, साइबर क्राइम से बचने के बताए तरीके

Delhi: उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस ने अशोक विहार फेज-2 स्थित मुख्यमंत्री श्री विद्यालय में बाल सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम चलाया। इस मौके पर करीब 300 छात्राओं को अपनी सुरक्षा खुद करने के तरीके सिखाए गए। पुलिस अधिकारियों ने ब

Delhi: उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस ने अशोक विहार फेज-2 स्थित मुख्यमंत्री श्री विद्यालय में बाल सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम चलाया। इस मौके पर करीब 300 छात्राओं को अपनी सुरक्षा खुद करने के तरीके सिखाए गए। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को निडर और आत्मविश्वासी बनने के लिए प्रेरित किया ताकि वे किसी भी मुश्किल परिस्थिति का सामना मजबूती से कर सकें।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को व्यक्तिगत सुरक्षा और साइबर सुरक्षा के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्हें आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई और यह समझाया गया कि अलग-अलग परिस्थितियों में खुद को सुरक्षित कैसे रखें। यह पूरी पहल दिल्ली के उपराज्यपाल के निर्देश पर जुलाई 2026 में मनाए जा रहे ‘बाल सुरक्षा जागरूकता माह’ का हिस्सा है।

इस अभियान के तहत दिल्ली पुलिस और शिक्षा निदेशालय मिलकर राजधानी के स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता कर रहे हैं। अब स्कूलों में POCSO एक्ट और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए संयुक्त टीमें सरप्राइज निरीक्षण करेंगी। साथ ही, हर स्कूल में एक बाल संरक्षण समिति (CPC) बनाई जाएगी, जिसमें प्रिंसिपल, शिक्षक, अभिभावक और काउंसलर शामिल होंगे। यह समिति हर तीन महीने में सुरक्षा उपायों की समीक्षा करेगी।

बच्चों की सुरक्षा के लिए सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं। इसके तहत 1,500 से ज्यादा शिक्षकों को ट्रेनिंग दी गई है और दिल्ली के सभी 5,633 स्कूलों में सेफ्टी चेकलिस्ट लागू की जा रही है। स्कूलों में अब बुलिंग, नशा मुक्ति और साइबर जागरूकता पर विशेष मॉड्यूल चलाए जाएंगे और छात्राओं को आत्मरक्षा (Self-Defense) की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार करते हुए स्कूलों में लड़के, लड़कियों, ट्रांसजेंडर और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए अलग-अलग शौचालय, पर्याप्त रोशनी और CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, स्कूल बसों में GPS, अग्निशमन यंत्र और महिला अटेंडेंट की तैनाती सुनिश्चित की गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग भी वीडियो और मोबाइल वैन के जरिए आम जनता और अभिभावकों को जागरूक कर रहा है।