Delhi: दिल्ली पुलिस ने ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों को चूना लगाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह को पकड़ा है। दक्षिण-पश्चिम जिले की साइबर पुलिस स्टेशन टीम ने इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये लोग फर्जी स्ट
Delhi: दिल्ली पुलिस ने ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों को चूना लगाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह को पकड़ा है। दक्षिण-पश्चिम जिले की साइबर पुलिस स्टेशन टीम ने इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये लोग फर्जी स्टॉक इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म के जरिए आम लोगों को झांसा देते थे और उनके पैसों को अलग-अलग राज्यों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर देते थे।
ठगी करने का तरीका क्या था
यह गिरोह WhatsApp ग्रुप और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को टारगेट करता था। वे लोगों को शेयर बाजार और IPO में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का लालच देते थे। भरोसा जीतने के लिए वे प्रोफेशनल दिखने वाले फर्जी ऐप्स और वेबसाइट का इस्तेमाल करते थे, जहां मुनाफे के फर्जी आंकड़े दिखाए जाते थे। पैसा आने के बाद उसे ‘म्यूल बैंक अकाउंट्स’ के जरिए घुमाया जाता था ताकि पुलिस पकड़ न पाए।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
दिल्ली पुलिस ने पिछले कुछ समय में कई अलग-अलग ऑपरेशन्स चलाकर इस नेटवर्क को तोड़ा है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में इंजीनियरिंग ग्रेजुएट और MBA डिग्री धारक लोग भी शामिल हैं। पुलिस ने पाया कि कुछ गिरोहों के तार कंबोडिया जैसे देशों से भी जुड़े थे, जहां से WhatsApp के जरिए निर्देश दिए जा रहे थे।
| तारीख |
गिरफ्तार आरोपी |
ठगी की रकम/विवरण |
| 20 मई 2026 |
8 लोग |
फर्जी स्टॉक इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म |
| 20 मई 2026 |
35 + 54 लोग |
करीब 40 करोड़ रुपये का नुकसान |
| 8 मई 2026 |
14 लोग |
करीब 8 करोड़ रुपये (पार्ट-टाइम जॉब ठगी) |
| 5 मई 2026 |
5 लोग |
3.40 लाख से ज्यादा (म्यूल अकाउंट्स) |
| 3 मई 2026 |
3 लोग |
45 लाख रुपये (रिटायर्ड अधिकारी से ठगी) |
| 6 अप्रैल 2026 |
11 लोग |
300 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी |
Frequently Asked Questions (FAQs)
ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट स्कैम से कैसे बचें?
किसी भी अनजान WhatsApp ग्रुप या सोशल मीडिया विज्ञापन के झांसे में न आएं जो कम समय में पैसा डबल करने का वादा करे। हमेशा SEBI रजिस्टर्ड ब्रोकर के जरिए ही निवेश करें और किसी भी अनजान ऐप में पैसा न डालें।
अगर साइबर ठगी हो जाए तो क्या करें?
तुरंत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज करें या साइबर पुलिस स्टेशन से संपर्क करें। जितनी जल्दी रिपोर्ट होगी, पैसा फ्रीज होने की संभावना उतनी ज्यादा होगी।