Delhi: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है जो कूरियर के जरिए अमेरिका तक नशीली दवाइयां पहुंचा रहा था। पुलिस ने इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह पूरा रैकेट फर्जी केवाईसी (KY
Delhi: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है जो कूरियर के जरिए अमेरिका तक नशीली दवाइयां पहुंचा रहा था। पुलिस ने इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह पूरा रैकेट फर्जी केवाईसी (KYC) और नकली बिलों के सहारे चलाया जा रहा था ताकि कानून की नजरों से बचा जा सके।
कैसे काम करता था यह ड्रग तस्करी का नेटवर्क
यह गिरोह ज़ोलपिडेम, ट्रामाडोल और डायजेपाम जैसी नशीली दवाइयों की अवैध खरीद और निर्यात करता था। आरोपी दवाओं को खरीदने के लिए फर्जी चालान का इस्तेमाल करते थे और बैच नंबरों को नीले मार्कर से छिपा देते थे। पार्सल के अंदर इन दवाइयों को सूती कपड़ों या फैंसी लेस के बीच छिपाकर भेजा जाता था। फर्जी पते और जाली केवाईसी दस्तावेजों की मदद से स्थानीय कूरियर हैंडलरों के जरिए सामान को मुख्य कूरियर तक पहुंचाया जाता था।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तार आरोपी
एसीपी भगवती प्रसाद की निगरानी और इंस्पेक्टर अरविंद के नेतृत्व में टीम ने मोती नगर के राम रोड स्थित एक कूरियर वेयरहाउस से संदिग्ध पार्सल पकड़ा। इस पार्सल में व्यावसायिक मात्रा में नशीली दवाएं थीं, जिनमें ज़ोलपिडेम टैबलेट की 350 स्ट्रिप्स बरामद हुईं। पुलिस ने इस मामले में अभिषेक भार्गव, यासर खान, नितिन, नीरज राघव और अमितेश राय को गिरफ्तार किया है। भुगतान के लिए यासर खान द्वारा नियंत्रित एक फर्म का इस्तेमाल किया जाता था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पुलिस ने इस गिरोह से क्या बरामद किया?
पुलिस ने मोती नगर के वेयरहाउस से अमेरिका भेजे जा रहे पार्सल से ज़ोलपिडेम टैबलेट की 350 स्ट्रिप्स बरामद की हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम क्या हैं?
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अभिषेक भार्गव, यासर खान, नितिन, नीरज राघव और अमितेश राय शामिल हैं।