Delhi: दिल्ली पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो दिल्ली और उत्तर प्रदेश के बीच नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे। इस क
Delhi: दिल्ली पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो दिल्ली और उत्तर प्रदेश के बीच नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 80 लाख रुपये कीमत की हेरोइन बरामद की है।
कैसे पकड़ा गया यह ड्रग नेटवर्क?
पुलिस को 2 अप्रैल को एक गुप्त सूचना मिली थी कि मोहम्मद आरिफ नाम का व्यक्ति गाजीपुर इलाके में स्मैक की सप्लाई करता है। इस जानकारी के आधार पर दिल्ली पुलिस की Anti-Narcotics Squad (ANS) ने जाल बिछाया और गाजीपुर रोड के पास आरिफ को 270 ग्राम हेरोइन के साथ धर दबोचा। जब आरिफ से पूछताछ हुई, तो उसने यूपी के शाहजहाँपुर के रहने वाले अमित और विकास के नाम बताए, जो उसे माल सप्लाई करते थे। इसके बाद पुलिस ने यूपी और दिल्ली-एनसीआर में छापेमारी कर अमित और विकास को भी गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से 205 ग्राम हेरोइन और बरामद की।
कौन लोग थे इस टीम में शामिल?
यह पूरा ऑपरेशन ईस्ट डिस्ट्रिक्ट की ANS टीम ने अंजाम दिया। इस टीम में सब-इंस्पेक्टर राहुल और विकास, एएसआई अमित और अरुण, हेड कांस्टेबल प्रदीप शर्मा, अमित कसाना, हरेंद्र, महिला हेड कांस्टेबल अनामिका और कांस्टेबल कौशल शामिल थे। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने किया और उन्हें एसीपी पवन कुमार का मार्गदर्शन मिला। पुलिस ने पकड़े गए तीनों आरोपियों के खिलाफ पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया थाने में NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
नशीले पदार्थों के खिलाफ पुलिस की क्या है नीति?
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि राजधानी में नशीले पदार्थों के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ अपनाई गई है। पुलिस का मकसद ड्रग्स की सप्लाई चेन को तोड़ना और युवाओं को नशे की लत से बचाना है। इस ऑपरेशन में कुल 475 ग्राम हेरोइन पकड़ी गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 80 लाख रुपये बताई जा रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इस मामले में कुल कितनी ड्रग्स बरामद हुई और उसकी कीमत क्या है?
पुलिस ने कुल 475 ग्राम हेरोइन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 80 लाख रुपये है।
गिरफ्तार किए गए आरोपी कहाँ के रहने वाले हैं?
तीन आरोपियों में से मोहम्मद आरिफ दिल्ली का है, जबकि अमित और विकास उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर के निवासी हैं।