Delhi: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है जो सरकारी अस्पतालों और केंद्रों से गरीबों के लिए आई महंगी दवाइयां चोरी करता था। ये लोग इन दवाइयों की असली पैकिंग हटाकर उन पर फर्जी लेबल लगाते
Delhi: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है जो सरकारी अस्पतालों और केंद्रों से गरीबों के लिए आई महंगी दवाइयां चोरी करता था। ये लोग इन दवाइयों की असली पैकिंग हटाकर उन पर फर्जी लेबल लगाते थे और फिर उन्हें बाजार में महंगे दामों पर बेच देते थे। पुलिस ने इस पूरे खेल में करीब 6 करोड़ रुपये की दवाइयां जब्त की हैं।
कैसे काम करता था यह फर्जी दवाइयों का नेटवर्क
इस गिरोह का मास्टरमाइंड मनोज कुमार जैन बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, यह गैंग उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और अन्य राज्यों से सरकारी दवाइयां हासिल करता था। इसके बाद उत्तर दिल्ली के मुखर्जी नगर स्थित इंद्र विकास कॉलोनी में मनोज के घर पर एक गुप्त यूनिट चलाई जा रही थी, जहां दवाइयों की री-लेबलिंग होती थी। इनमें से एक आरोपी राजू कुमार पंजाब में भी अवैध मैन्युफैक्चरिंग यूनिट चला रहा था।
कौन सी दवाइयां बेची जा रही थीं और कहां था इनका जाल
पकड़े गए गिरोह द्वारा बेची जा रही दवाइयां जीवन रक्षक थीं, जिनमें डायबिटीज, हेपेटाइटिस B, रेबीज वैक्सीन, इंसुलिन और एंटी-स्नेक वेनम जैसी महत्वपूर्ण दवाइयां शामिल थीं। यह नेटवर्क केवल दिल्ली-NCR तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इन फर्जी दवाइयों को पश्चिम बंगाल, कोलकाता, गुवाहाटी, इंफाल और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में सप्लाई किया जा रहा था।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तार आरोपी
स्पेशल सीपी देवेश चंद्र श्रीवास्तव के निर्देश पर डीसीपी पंकज कुमार के नेतृत्व में इस ऑपरेशन को चलाया गया। इसमें ड्रग्स कंट्रोल विभाग और CDSCO के ड्रग इंस्पेक्टर्स की मदद ली गई। पुलिस ने अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मनोज कुमार जैन, राजू कुमार, विक्रम सिंह उर्फ सन्नी और वतन शामिल हैं। पुलिस अब हवाला के जरिए पैसे के लेनदेन की जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इस गिरोह में कौन-कौन सी दवाइयां बेची जा रही थीं?
इस गिरोह द्वारा इंसुलिन, रेबीज वैक्सीन, एंटी-स्नेक वेनम, हेपेटाइटिस-B वैक्सीन और कैंसर की Lenvatinib कैप्सूल जैसी जीवन रक्षक दवाइयां बेची जा रही थीं।
पकड़े गए आरोपियों के नाम क्या हैं और वे कहां से थे?
मुख्य आरोपी मनोज कुमार जैन (दिल्ली) के साथ राजू कुमार, विक्रम सिंह और वतन को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से राजू कुमार पंजाब में अवैध यूनिट चला रहा था।