Delhi: दिल्ली पुलिस ने राजधानी और आसपास के इलाकों में नशीली दवाओं की तस्करी करने वाले कई बड़े गिरोहों को पकड़ा है। पुलिस की इस कार्रवाई में प्रतिबंधित दवाओं और स्मैक की बड़ी खेप बरामद हुई है। यह सिंडिकेट मुख्य रूप से युव
Delhi: दिल्ली पुलिस ने राजधानी और आसपास के इलाकों में नशीली दवाओं की तस्करी करने वाले कई बड़े गिरोहों को पकड़ा है। पुलिस की इस कार्रवाई में प्रतिबंधित दवाओं और स्मैक की बड़ी खेप बरामद हुई है। यह सिंडिकेट मुख्य रूप से युवाओं को नशे की लत लगाने के लिए प्रतिबंधित टैबलेट और सिरप की सप्लाई कर रहा था।
पुलिस ने किन-किन आरोपियों को किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने अलग-अलग ऑपरेशनों में कई गिरफ्तारियां की हैं। 26 अप्रैल को उत्तम नगर से तीन मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव राहुल, मोहम्मद अकरम और सूरज प्रसाद को पकड़ा गया। वहीं, 25 अप्रैल को एक अंतरराज्यीय गिरोह के तीन तस्कर मोहम्मद आरिफ, अमित और विकास गिरफ्तार हुए, जिनके पास से 80 लाख रुपये की स्मैक मिली। इससे पहले मार्च और जनवरी में भी नितिन पाठक, प्रेम सिंह और शमीम जैसे तस्करों को भारी मात्रा में अल्प्राजोलम और ट्रामाडोल के साथ पकड़ा गया था।
नशे के खिलाफ दिल्ली पुलिस का क्या है प्लान
दिल्ली पुलिस अब मादक पदार्थों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रही है। 23 अप्रैल से शहर में ‘नशा नॉट कूल’ नाम से एक हफ्ते का जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के जरिए सोशल मीडिया, रेडियो और सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को नशे के नुकसान बताए जा रहे हैं। डीसीपी राहुल अलवाल ने कहा कि खुफिया जानकारी के आधार पर ऐसे सिंडिकेट को खत्म करने का काम जारी रहेगा और आने वाले समय में और भी ऑपरेशन होंगे।
बरामद दवाओं और ड्रग्स का विवरण
पुलिस ने अलग-अलग छापेमारी में भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामान जब्त किया है। इसमें अल्प्राजोलम टैबलेट, ट्रामाडोल कैप्सूल और कोडीन युक्त कफ सिरप शामिल हैं। जनवरी में पकड़े गए एक गिरोह के पास से करीब तीन लाख अल्प्राजोलम गोलियां मिली थीं, जो हिमाचल प्रदेश की एक अवैध यूनिट से दिल्ली-एनसीआर और यूपी में सप्लाई की जा रही थीं। मार्च की कार्रवाई में करीब 4.5 करोड़ रुपये की दवाएं बरामद की गई थीं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली पुलिस का ‘नशा नॉट कूल’ अभियान क्या है?
यह 23 अप्रैल से शुरू हुआ एक सप्ताहव्यापी जागरूकता अभियान है, जिसमें सोशल मीडिया और सामुदायिक कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
हाल ही में पकड़े गए ड्रग सिंडिकेट का नेटवर्क कहां तक फैला था?
यह नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश तक फैला था, जहां अवैध निर्माण इकाइयों से दवाओं की सप्लाई की जा रही थी।