Delhi Police ने किया मासूम बच्चों की खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 5 नवजात छुड़ाए

Delhi: दिल्ली पुलिस की सेंट्रल जिला टीम ने एक बड़े अंतरराज्यीय चाइल्ड ट्रैफिकिंग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने 5 नवजात मासूम बच्चों को अपराधियों के चंगुल से सुरक्षित छुड़ाया। इस पूरी कार्रवाई

Delhi: दिल्ली पुलिस की सेंट्रल जिला टीम ने एक बड़े अंतरराज्यीय चाइल्ड ट्रैफिकिंग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने 5 नवजात मासूम बच्चों को अपराधियों के चंगुल से सुरक्षित छुड़ाया। इस पूरी कार्रवाई की कहानी अब दिल्ली पुलिस के आधिकारिक पॉडकास्ट #किस्सा_खाकी_का_2.0 में सुनाई जा रही है, जिसे प्रो. वर्तिका नंदा ने अपनी आवाज दी है।

यह गिरोह दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में फैला हुआ था। पुलिस के मुताबिक, यह सिंडिकेट गरीब परिवारों से, खासकर राजस्थान और गुजरात से, 10 से 15 हजार रुपये में नवजात बच्चे खरीदता था। इसके बाद इन बच्चों को निसंतान दंपत्तियों को 4 से 10 लाख रुपये में बेच दिया जाता था। इस खेल में लड़कों की कीमत लड़कियों से ज्यादा वसूली जाती थी।

जांच में रोहिणी के हीरा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल की भूमिका भी सामने आई है। अस्पताल के मालिक डॉ. विवेकी को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर बच्चों को शरण देने और फर्जी दस्तावेज बनाने में मदद करने का आरोप है। इस मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड ज्योति उर्फ कमलेश, शालू, ललित और ड्राइवर विपिन समेत कुल 12-13 लोगों को गिरफ्तार किया है। ग्वालियर और पानीपत से उन दंपत्तियों को भी पकड़ा गया है जिन्होंने ये बच्चे खरीदे थे।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अप्रैल 2026 में दिल्ली हाई कोर्ट ने चिंता जताई थी कि दिल्ली रेलवे स्टेशनों के आसपास बच्चों की तस्करी की ‘मंडी’ बन गई है। कोर्ट ने इस पर दिल्ली सरकार और पुलिस से जवाब मांगा था और अगली सुनवाई 10 जुलाई 2026 को तय की गई है। फिलहाल पुलिस उन जैविक माता-पिता की तलाश कर रही है जिनसे ये बच्चे खरीदे गए थे।