Delhi: दिल्ली पुलिस की वेस्ट डिस्ट्रिक्ट साइबर टीम ने एक बहुत बड़े अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में पुलिस ने 40 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले नेटवर्क को पकड़ा है। पुलिस ने कुल 89 लोगों क
Delhi: दिल्ली पुलिस की वेस्ट डिस्ट्रिक्ट साइबर टीम ने एक बहुत बड़े अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में पुलिस ने 40 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले नेटवर्क को पकड़ा है। पुलिस ने कुल 89 लोगों को कानून के दायरे में लाया है, जिनमें 35 मुख्य अपराधी गिरफ्तार हुए हैं और 54 अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस ने कैसे पकड़ा यह गिरोह और क्या हुआ बरामद
पुलिस ने इस कार्रवाई के लिए टेक्निकल सर्विलांस, फाइनेंशियल ट्रेल एनालिसिस और खुफिया जानकारी का इस्तेमाल किया। इसके बाद दिल्ली समेत झारखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में छापेमारी की गई। इस दौरान पुलिस ने काफी सामान बरामद किया है:
| बरामद सामान |
संख्या/राशि |
| नकद राशि |
14.18 लाख रुपये |
| SIM कार्ड |
359 |
| ATM कार्ड |
218 |
| मोबाइल फोन |
88 |
किन तरीकों से लोगों के साथ की जा रही थी ठगी
जांच में सामने आया कि यह गैंग डिजिटल अरेस्ट, APK स्कैम, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड और फेक डेटिंग जैसे तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहा था। ये अपराधी पैसों को इधर-उधर करने के लिए म्यूल अकाउंट, क्रिप्टोकरेंसी और लेयर्ड ट्रांजेक्शन का इस्तेमाल करते थे ताकि पुलिस इन्हें पकड़ न सके। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए 1.11 करोड़ रुपये सुरक्षित किए, जिनमें से 51.95 लाख रुपये पीड़ितों को वापस लौटा दिए गए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इस साइबर फ्रॉड में कुल कितने लोग पकड़े गए हैं?
दिल्ली पुलिस ने कुल 89 साइबर अपराधियों को पकड़ा है, जिसमें 35 हार्डकोर अपराधी गिरफ्तार हुए हैं और 54 अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया है।
ठगी के लिए किन तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा था?
यह गिरोह डिजिटल अरेस्ट, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, APK स्कैम और फेक डेटिंग जैसे तरीकों से लोगों को ठग रहा था और पैसों की हेराफेरी के लिए क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग कर रहा था।