Delhi: दिल्ली पुलिस की वेस्ट डिस्ट्रिक्ट साइबर टीम ने एक बहुत बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क को पकड़ा है। इस गैंग ने देशभर में करीब 40 करोड़ रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने अप्रैल 2026 में चलाए गए ऑपरेशन के दौरान 35 मुख्य आरोपियो
Delhi: दिल्ली पुलिस की वेस्ट डिस्ट्रिक्ट साइबर टीम ने एक बहुत बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क को पकड़ा है। इस गैंग ने देशभर में करीब 40 करोड़ रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने अप्रैल 2026 में चलाए गए ऑपरेशन के दौरान 35 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया और 54 अन्य लोगों को पाबंद किया। इस पूरे मामले में कुल 89 साइबर अपराधी कानून के शिकंजे में आए हैं।
कैसे करते थे ठगी और क्या था तरीका
यह गैंग लोगों को ठगने के लिए कई तरीके अपनाता था। ये लोग फेक डेटिंग क्लब, डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करते थे। ठगी के लिए ‘DL Office’ नाम का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया था, जिसका इस्तेमाल ओटीपी शेयर करने और म्यूल अकाउंट चलाने के लिए होता था। टेलीग्राम पर फर्जी वीआईपी सदस्यता बेचकर पैसे ऐंठे जाते थे और फिर उस रकम को USDT क्रिप्टो में बदलकर अफ्रीका तक भेजा जाता था।
पुलिस ने क्या-क्या सामान बरामद किया
करमपुरा में छापेमारी के दौरान कुछ आरोपी चौथी मंजिल से कूदकर भागने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें पुलिस ने दबोच लिया। इस कार्रवाई में पुलिस ने भारी मात्रा में डिजिटल सामान जब्त किया है:
| सामान का नाम |
संख्या/रकम |
| नकद राशि |
14.18 लाख रुपये |
| सिम कार्ड |
359 |
| एटीएम कार्ड |
218 |
| मोबाइल फोन |
88 |
| चेक बुक |
78 |
| लैपटॉप |
2 |
पीड़ितों को कितना पैसा वापस मिला
पश्चिमी दिल्ली के डीसीपी दारडे शरद भास्कर ने बताया कि यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी। पुलिस ने तकनीकी निगरानी और वित्तीय विश्लेषण के जरिए 1.11 करोड़ रुपये सुरक्षित किए। इनमें से कोर्ट के आदेश के बाद 51.95 लाख रुपये पीड़ितों को वापस दिला दिए गए हैं। इस ऑपरेशन में गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने भी मदद की।
Frequently Asked Questions (FAQs)
साइबर गैंग लोगों को ठगने के लिए किन तरीकों का इस्तेमाल कर रहा था
यह गैंग फेक डेटिंग क्लब, डिजिटल अरेस्ट, म्यूल अकाउंट और निवेश धोखाधड़ी जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर रहा था। ये लोग टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को जाल में फंसाते थे।
इस ऑपरेशन में किन राज्यों में छापेमारी की गई
दिल्ली पुलिस ने इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए दिल्ली के अलावा झारखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में छापेमारी की।