Delhi: दिल्ली पुलिस ने नए आपराधिक कानूनों के जरिए न्याय प्रक्रिया में तेजी आने का दावा किया है। Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) 2023 के लागू होने से अब कानूनी कार्रवाइयों में लगने वाला समय कम होगा। पुलिस के मुताबिक, नए निय
Delhi: दिल्ली पुलिस ने नए आपराधिक कानूनों के जरिए न्याय प्रक्रिया में तेजी आने का दावा किया है। Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) 2023 के लागू होने से अब कानूनी कार्रवाइयों में लगने वाला समय कम होगा। पुलिस के मुताबिक, नए नियमों से आम जनता को त्वरित न्याय मिलेगा और मामलों का निपटारा जल्दी हो सकेगा।
नए कानूनों से जांच और चार्जशीट में कितनी आएगी तेजी?
Delhi Police ने जानकारी दी है कि अब जांच प्रक्रिया को बहुत तेज कर दिया गया है। नए प्रावधानों के तहत किसी मामले की जांच 72 घंटे में पूरी की जा सकती है। इसके बाद केवल 5 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पूरी प्रक्रिया का मकसद यह है कि पीड़ित को न्याय के लिए सालों तक इंतजार न करना पड़े और 18 दिनों के भीतर न्याय संभव हो सके।
BNS 2023 और अन्य नए कानून कब से हुए लागू?
भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 को दिसंबर 2023 में संसद से पास किया गया था। इसके साथ ही Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita (BNSS) और Bharatiya Sakshya Adhiniyam 2023 भी लाए गए। ये तीनों कानून 1 जुलाई 2024 से पूरे देश में लागू हो चुके हैं। गृह मंत्रालय ने इन कानूनों के जरिए पुरानी कानूनी व्यवस्था को आधुनिक बनाने की कोशिश की है।
आम लोगों के लिए क्या हैं खास बदलाव?
नए कानूनों में समय सीमा का खास ध्यान रखा गया है। BNSS के तहत कुछ मामलों में प्रारंभिक जांच के लिए 14 दिन का समय तय है। वहीं, चार्ज फ्रेम होने के 30 दिनों के भीतर प्ली बारगेनिंग की सुविधा दी गई है। पीड़ितों को अब अपने केस की प्रोग्रेस के बारे में 90 दिनों के भीतर अपडेट पाने का अधिकार होगा। हालांकि, हिट-एंड-रन मामलों से जुड़ी धारा 106(2) को फिलहाल लागू नहीं किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नए कानून BNS 2023 के तहत जांच में कितना समय लगेगा?
दिल्ली पुलिस के अनुसार, नए नियमों के तहत जांच 72 घंटे में पूरी करने और 5 दिन में चार्जशीट दाखिल करने का लक्ष्य है, ताकि 18 दिनों में न्याय मिल सके।
ये नए आपराधिक कानून कब से लागू हुए हैं?
Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS), BNSS और Bharatiya Sakshya Adhiniyam 1 जुलाई 2024 से पूरे भारत में प्रभावी रूप से लागू हो चुके हैं।