Delhi: दिल्ली पुलिस अब अपने जवानों के बीच बढ़ते ‘रील कल्चर’ पर लगाम लगाने जा रही है। पुलिस कमिश्नर संजय अरोरा ने साफ कर दिया है कि ड्यूटी के दौरान या वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर वीडियो डालना अब बर्दाश्त नहीं क
Delhi: दिल्ली पुलिस अब अपने जवानों के बीच बढ़ते ‘रील कल्चर’ पर लगाम लगाने जा रही है। पुलिस कमिश्नर संजय अरोरा ने साफ कर दिया है कि ड्यूटी के दौरान या वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर वीडियो डालना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने इसे वर्दी का अपमान माना है और सभी कर्मियों को नियमों का पालन करने का आदेश दिया है।
वर्दी में रील बनाने पर क्या है नया नियम?
पुलिस कमिश्नर संजय अरोरा ने 24 मई 2025 को एक नया मेमोरेंडम जारी किया। इसमें कहा गया है कि पुलिसकर्मी वर्दी की गरिमा बनाए रखें और किसी भी विभागीय उपकरण या सामान का इस्तेमाल निजी वीडियो बनाने के लिए न करें। यह निर्देश 15 जून 2025 तक पूरी तरह लागू करने को कहा गया है। इससे पहले अगस्त 2023 में भी गाइडलाइंस जारी की गई थीं, लेकिन नियमों के उल्लंघन के कारण अब यह सख्त कदम उठाया गया है।
पुलिसकर्मियों के लिए सोशल मीडिया पर क्या पाबंदियां हैं?
नए नियमों के मुताबिक, पुलिसकर्मी सोशल मीडिया पर किसी भी संदिग्ध, गिरफ्तार व्यक्ति या चल रहे ट्रायल से जुड़ी गोपनीय जानकारी शेयर नहीं कर सकते। साथ ही, उन्हें राजनीतिक अभियानों में हिस्सा लेने या किसी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने से भी मना किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निजी जीवन और पेशेवर काम के बीच फर्क रखना जरूरी है।
नियम तोड़ने वालों पर क्या होगी कार्रवाई?
कमिश्नर ऑफिस ने उन पुलिसकर्मियों की लिस्ट भी सर्कुलेट की है जो लगातार रील बना रहे थे। अब सभी DCP और यूनिट हेड को जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने नीचे काम करने वाले जवानों को इन नियमों के बारे में समझाएं। अगर कोई दोबारा वर्दी का गलत इस्तेमाल करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली पुलिस ने वर्दी में रील बनाने पर रोक क्यों लगाई?
पुलिस कमिश्नर संजय अरोरा ने वर्दी में रील बनाने को ‘वर्दी का दुरुपयोग’ बताया है। विभाग का मानना है कि इससे पुलिस की गरिमा कम होती है, इसलिए इसे पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है।
सोशल मीडिया गाइडलाइंस का पालन करने की आखिरी तारीख क्या है?
24 मई 2025 को जारी किए गए ताजा मेमोरेंडम के अनुसार, सभी पुलिसकर्मियों को 15 जून 2025 तक इन नियमों का पालन करना अनिवार्य है।