Delhi में सुनने में अक्षम लड़कियों को पुलिस ने सिखाए आत्मरक्षा के गुर, POCSO एक्ट की दी जानकारी
Delhi: दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट टीम ने बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक खास पहल की है। दिल्ली गेट के पास फिरोज शाह कोटला में पुलिस ने सुनने में अक्षम (hearing-impaired) करीब 50 से 60 लड़कियों के लिए एक
Delhi: दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट टीम ने बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक खास पहल की है। दिल्ली गेट के पास फिरोज शाह कोटला में पुलिस ने सुनने में अक्षम (hearing-impaired) करीब 50 से 60 लड़कियों के लिए एक जागरूकता सत्र आयोजित किया। इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद लड़कियों को सशक्त बनाना और उन्हें अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था।
इस ट्रेनिंग सेशन के दौरान लड़कियों को सेल्फ डिफेंस यानी आत्मरक्षा के तरीके सिखाए गए। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें गुड टच और बैड टच के बीच का अंतर समझाया और जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल होने वाले महिला एवं बाल हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। साथ ही, उन्हें POCSO एक्ट के बारे में विस्तार से बताया गया कि यह कानून बच्चों को यौन अपराधों से कैसे बचाता है और पुलिस पीड़ितों को सुरक्षा और न्याय दिलाने में कैसे मदद करती है।
यह पूरी कवायद दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) तरणजीत सिंह संधू के निर्देशों के बाद की जा रही है। LG ने जून 2026 में स्कूलों में POCSO एक्ट के पालन की ऑडिट करने और स्कूलों के आसपास पुलिस की तैनाती बढ़ाने के आदेश दिए थे। प्रशासन ने जुलाई 2026 को ‘बाल संरक्षण माह’ के रूप में मनाने का फैसला किया है, जिसके तहत पूरे शहर में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों से निपटने के लिए जून के अंत में शहर का पहला ऑल-वुमेन पुलिस स्टेशन भी शुरू किया है।