Delhi में 18 करोड़ के बैंक फ्रॉड का आरोपी गिरफ्तार, 9 साल से फरार था संजीव दीक्षित
Delhi: दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने 18 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में शामिल एक बड़े आरोपी संजीव दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी पिछले 9 साल से पुलिस की पकड़ से बाहर था और कोर्ट ने इसे भगोड़ा घोषि
Delhi: दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने 18 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में शामिल एक बड़े आरोपी संजीव दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी पिछले 9 साल से पुलिस की पकड़ से बाहर था और कोर्ट ने इसे भगोड़ा घोषित कर रखा था। पुलिस ने इसे तब दबोचा जब वह किसी दूसरे आपराधिक मामले में तिहार जेल में बंद था।
यह पूरा मामला 2013 का है, जब संजीव दीक्षित ने अपने साथियों के साथ मिलकर विवेक विहार इलाके की एक प्रॉपर्टी के कागजात फर्जी बनवाए थे। उसने उषा रानी सेठी नाम की महिला की जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार किए और एक हमशक्ल व्यक्ति को खड़ा करके बैंक से भारी रकम का लोन ले लिया। इस धोखाधड़ी के बाद आरोपी साल 2017 में यूपी पुलिस की गिरफ्त से फरार हो गया था और तब से उसकी तलाश जारी थी।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी संजीव दीक्षित आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ अलग-अलग एजेंसियों ने 12 केस दर्ज किए हुए हैं। वह संजीव गांधी और संजय शर्मा जैसे अलग-अलग नामों से भी काम करता था।
| बैंक/संस्थान | लोन की राशि | लोन का प्रकार |
|---|---|---|
| Chinatrust Commercial Bank | 10 करोड़ रुपये | लोन |
| अन्य संस्थान | 5 करोड़ रुपये | कैश क्रेडिट लिमिट |
| अन्य संस्थान | 3 करोड़ रुपये | कैश क्रेडिट लिमिट |
| अन्य संस्थान | 70 लाख रुपये | कार लोन |
अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर (EOW) रवि कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में FIR नंबर 253/2013 दर्ज है। आरोपी ने फर्जी सेल डीड के जरिए बैंकों को धोखा दिया और लोन की रकम को शेल कंपनियों और फर्जी खातों में घुमाया ताकि पुलिस को पता न चले। इन सभी लोन खातों को बाद में बैंकों ने NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स) घोषित कर दिया था। इस मामले में सचिन भारद्वाज नाम का एक और आरोपी भी शामिल है, जिसे 4 जुलाई 2017 को भगोड़ा घोषित किया गया था।