Delhi पुलिस ने जयपुर से पकड़ा ‘राइस पुलर’ घोटाले का मास्टरमाइंड, जादुई धातु के नाम पर की थी करोड़ों की ठगी

Delhi/Jaipur: दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए जयपुर से सत्यनारायण अनोरिया नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को रेडियोएक्टिव जादुई धातु यानी ‘राइस पु

Delhi/Jaipur: दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए जयपुर से सत्यनारायण अनोरिया नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को रेडियोएक्टिव जादुई धातु यानी ‘राइस पुलर’ का एक्सपर्ट बताकर लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगाया था। यह गिरफ्तारी 23 जून 2026 को की गई है।

पकड़ा गया आरोपी सत्यनारायण अनोरिया 53 साल का है और पहले जयपुर नगर निगम में सरकारी कर्मचारी के तौर पर काम करता था। उसके खिलाफ अप्रैल 2020 में मामला दर्ज हुआ था। आरोप है कि उसने एक कारोबारी से लगभग नौ करोड़ रुपये की ठगी की थी। आरोपी और उसके साथियों ने 2014 में पीड़ित से संपर्क किया और दावा किया कि उनके पास दुर्लभ प्राचीन कलाकृतियाँ और रेडियोधर्मी दर्पण हैं।

ठगी करने के लिए आरोपी ने बहुत शातिर तरीका अपनाया। उसने खुद को BARC, DRDO और पुरातत्व प्रयोगशालाओं जैसे बड़े संस्थानों से जुड़ा वैज्ञानिक विशेषज्ञ बताया। उसने पीड़ित को विश्वास दिलाया कि इन जादुई धातुओं की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 11 करोड़ रुपये प्रति इंच है। इस लालच में आकर कारोबारी ने टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन के नाम पर करीब नौ करोड़ रुपये दे दिए, लेकिन उसे न तो कोई धातु मिली और न ही कोई असली टेस्ट हुआ।

पुलिस के मुताबिक इस तरह के ‘राइस पुलर’ घोटाले देश के अलग-अलग हिस्सों में देखे गए हैं।

  • दिसंबर 2024 में रुद्रपुर के एक कारोबारी से 16.50 लाख रुपये ठगे गए।
  • सितंबर 2023 में पुणे के एक NRI CA से 59 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई।
  • मार्च 2021 में दिल्ली पुलिस ने कोलकाता स्थित एक गैंग को पकड़ा था जिसने दिल्ली के व्यवसायी से 11 लाख रुपये लिए थे।

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अगर कोई व्यक्ति आपको ‘राइस पुलिंग ऑब्जेक्ट’ या किसी जादुई शक्ति वाली धातु के बारे में बताकर पैसे मांगे, तो तुरंत पुलिस को खबर करें। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी समय-समय पर ऐसी धोखाधड़ी से बचने की सलाह देता रहता है।