Delhi: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बेहद गंभीर मामले में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने नाबालिग लड़के के साथ शारीरिक और यौन शोषण करने वाले मुख्य आरोपी गुलज़ार उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी लंबे सम
Delhi: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बेहद गंभीर मामले में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने नाबालिग लड़के के साथ शारीरिक और यौन शोषण करने वाले मुख्य आरोपी गुलज़ार उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी लंबे समय से फरार था और पुलिस ने इसे भगोड़ा घोषित किया हुआ था।
क्या था पूरा मामला और कैसे हुई वारदात
यह घटना 5 अक्टूबर 2024 की है। आरोपी गुलज़ार और उसके तीन साथियों अजय, नीरज और कमल ने मिलकर एक नाबालिग लड़के को अपना शिकार बनाया था। पुलिस के मुताबिक, गुलज़ार ने पीड़ित बच्चे को बंदूक की नोक पर पकड़ रखा था, जबकि उसके साथियों ने ब्लेड से बच्चे के सिर, पेट और पीठ पर गहरे जख्म दिए। दरिंदगी के बाद बच्चा बेहोश हो गया था, जिसके बाद एक स्थानीय निवासी ने उसे बचाया।
पुलिस कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी
इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच की Northern Delhi Range (NDR) कर रही थी, जिसकी निगरानी ACP Umesh Barthwal कर रहे थे। गुलज़ार को दिसंबर 2025 में भगोड़ा घोषित किया गया था। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। आखिरकार 29 अप्रैल 2026 को पुलिस ने उसे दबोच लिया। पूछताछ के दौरान गुलज़ार ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है।
आरोपी पर क्या कानूनी धाराएं लगी हैं
गुलज़ार के खिलाफ POCSO एक्ट की धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो गंभीर यौन शोषण से संबंधित है। इसके अलावा उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118-1 भी लगाई गई है। POCSO एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी पाए जाने पर कम से कम 20 साल की सजा, उम्रकैद या मौत की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
आरोपी गुलज़ार को कब गिरफ्तार किया गया?
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गुलज़ार उर्फ सोनू को 29 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया। वह दिसंबर 2025 से भगोड़ा घोषित था।
इस केस में आरोपी को कितनी सजा हो सकती है?
आरोपी पर POCSO एक्ट की धारा 6 लगी है, जिसमें न्यूनतम 20 साल की जेल, उम्रकैद या फांसी की सजा का प्रावधान है।