Delhi में ट्रांसजेंडर बनकर रह रहा था बांग्लादेशी नागरिक, पुलिस ने भलस्वा फ्लाईओवर के पास से किया गिरफ्तार

Delhi: दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे बांग्लादेशी नागरिक को पकड़ा है जो अपनी पहचान छिपाने के लिए ट्रांसजेंडर महिला का रूप धरकर शहर में रह रहा था। यह व्यक्ति अवैध तरीके से भारत में रह रहा था और रात के समय अलग-अलग गलत कामों में शा

Delhi: दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे बांग्लादेशी नागरिक को पकड़ा है जो अपनी पहचान छिपाने के लिए ट्रांसजेंडर महिला का रूप धरकर शहर में रह रहा था। यह व्यक्ति अवैध तरीके से भारत में रह रहा था और रात के समय अलग-अलग गलत कामों में शामिल था। पुलिस ने इसे जहांगीरपुरी इलाके के भलस्वा फ्लाईओवर के पास से गिरफ्तार किया है।

पकड़े गए व्यक्ति की पहचान सुकांता चंद्र दास उर्फ माधुरी के रूप में हुई है। वह बांग्लादेश की राजधानी ढाका का रहने वाला 44 वर्षीय पुरुष है। पुलिस जांच में पता चला कि वह बिना किसी वैध कागजात के भारत में रह रहा था। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से एक स्मार्टफोन मिला है, जिसमें प्रतिबंधित IMO ऐप और उसके बांग्लादेशी पहचान पत्र की तस्वीरें मिली हैं। पुलिस ने अब उसे वापस भेजने यानी डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इस मामले में दिल्ली पुलिस ने एक बड़े गिरोह का भी पर्दाफाश किया है। साउथ दिल्ली के डीसीपी अंकित चौहान ने बताया कि अवैध रूप से बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में बसाने वाले गैंग के 11 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। ये लोग एक फर्जी वेबसाइट के जरिए आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी जैसे जरूरी दस्तावेज बना रहे थे। इस ऑपरेशन में 5 बांग्लादेशी नागरिक और उनकी मदद करने वाले 6 अन्य लोग पकड़े गए हैं।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे लोग भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की नजरों से बचने के लिए ट्रांसजेंडर का भेष अपनाते हैं। कुछ लोग तो अपनी आवाज और शक्ल बदलने के लिए मामूली सर्जरी और हार्मोनल इलाज तक का सहारा लेते हैं। ये लोग एजेंटों की मदद से सरहद पार कर भारत आते हैं और फिर फर्जी कागजात बनवाकर नौकरी या मकान किराए पर लेते हैं। कुछ मामलों में तो इन्होंने फर्जी आईडी की मदद से संपत्तियां भी खरीदी हैं।

आंकड़ों के मुताबिक, साल 2024-25 के दौरान दिल्ली से 2,100 से ज्यादा बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट किया गया है। इनमें सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां बाहरी दिल्ली और नॉर्थ वेस्ट दिल्ली जिलों में हुई हैं। पुलिस अब ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने में जुटी है।