Delhi: दिल्ली पुलिस की एक टीम ने चीन सीमा के पास तवांग से एक 24 साल के युवक को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी इन्वेस्टमेंट फ्रॉड के एक बड़े रैकेट में शामिल था। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए करीब 500 किलोमीटर तक पीछा किया।
Delhi: दिल्ली पुलिस की एक टीम ने चीन सीमा के पास तवांग से एक 24 साल के युवक को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी इन्वेस्टमेंट फ्रॉड के एक बड़े रैकेट में शामिल था। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए करीब 500 किलोमीटर तक पीछा किया। यह पूरा मामला करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ा है जिसमें चीन के कनेक्शन मिले हैं।
तवांग में कैसे हुई गिरफ्तारी?
आरोपी को अरुणाचल प्रदेश के तवांग इलाके से पकड़ा गया। जिस पुलिस स्टेशन में उसे गिरफ्तार किया गया, वह चीन के साथ लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से मात्र 16 किलोमीटर दूर है। यह गिरफ्तारी एक निवेश घोटाले के सिलसिले में हुई है जिसमें ‘म्यूल अकाउंट्स’ का इस्तेमाल करके लोगों से करोड़ों रुपये ठगे गए थे।
साइबर फ्रॉड के खिलाफ दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोहों पर नकेल कस रही है। हाल के दिनों में कई बड़े खुलासे हुए हैं:
- जनवरी 2026 में चीन से जुड़े एक सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ जिसमें 8 लोग पकड़े गए और 15 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन मिले।
- जनवरी 2026 में ही ताइवान से जुड़े एक गिरोह को पकड़ा गया जिसने करीब 100 करोड़ रुपये की ठगी की थी।
- फरवरी 2026 में ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।
- दिसंबर 2025 में 50 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 10 सदस्य पकड़े गए थे।
ठगी के लिए किन तरीकों का इस्तेमाल हुआ?
जांच में सामने आया कि ये गिरोह लोगों को फंसाने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करते थे। इसमें बैंक के फर्जी खाते (Mule Accounts), सिम बॉक्स सिस्टम और एसएमएस-फॉरवर्डिंग मैलवेयर का उपयोग किया गया। कुछ मामलों में आरोपियों ने खुद को पुलिस या जांच अधिकारी बताकर लोगों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ करने की धमकी भी दी थी ताकि उनसे पैसे वसूले जा सकें।