Delhi: दिल्ली पुलिस ने शहर में अपराध रोकने के लिए बड़ा अभियान चलाया है। पुलिस ने निवेश के नाम पर लोगों को चूना लगाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के पांच सदस्यों को उत्तराखंड से पकड़ा है। इसके साथ ही, पुलिस ने अवैध शराब की
Delhi: दिल्ली पुलिस ने शहर में अपराध रोकने के लिए बड़ा अभियान चलाया है। पुलिस ने निवेश के नाम पर लोगों को चूना लगाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के पांच सदस्यों को उत्तराखंड से पकड़ा है। इसके साथ ही, पुलिस ने अवैध शराब की तस्करी करने वाले कई आरोपियों को भी अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार किया है।
साइबर ठगी और निवेश घोटाले का तरीका क्या था?
यह गिरोह मैसेजिंग ऐप के जरिए लोगों को ऑनलाइन निवेश और काम के बदले पैसे कमाने का लालच देता था। शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए थोड़ा मुनाफा दिखाया जाता था और फिर बड़ी रकम निवेश कराई जाती थी। पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि ये लोग कमीशन लेकर फर्जी बैंक खाते (Mule Accounts) उपलब्ध कराते थे ताकि ठगी का पैसा घुमाया जा सके और जांच एजेंसियों से बचा जा सके। इस मामले में 3.40 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी सामने आई है।
अवैध शराब तस्करी पर पुलिस का एक्शन
पुलिस ने शराब तस्करी के खिलाफ कई जगहों पर छापेमारी की। कल्याणपुरी से 19 साल के राहुल को 120 लीटर अवैध शराब के साथ पकड़ा गया। वहीं शाहदरा जिला पुलिस ने दिलदार नाम के तस्कर को गिरफ्तार किया, जिसके पास से हरियाणा में बिक्री के लिए बनी 53 पेटी शराब और एक Honda City कार मिली। इसके अलावा केशव पुरम इलाके से भी नीरज, पिंटू और बृजेश को 17 कार्टन फाल्कन ब्रांड की शराब के साथ गिरफ्तार किया गया है।
जनगणना के नाम पर होने वाली ठगी से रहें सावधान
दिल्ली पुलिस ने लोगों को अलर्ट किया है कि कुछ जालसाज खुद को सरकारी अधिकारी बताकर जनगणना के नाम पर ओटीपी (OTP), यूपीआई पिन (UPI PIN) या बैंक डिटेल्स मांग रहे हैं। पुलिस ने साफ कहा है कि कोई भी सरकारी अधिकारी इस तरह की जानकारी या पैसे नहीं मांगता। अगर कोई ऐसा करे, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
साइबर ठगी होने पर कहां शिकायत करें?
अगर आपके साथ कोई साइबर धोखाधड़ी होती है, तो आप तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सकते हैं या अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं।
जनगणना के नाम पर होने वाली ठगी से कैसे बचें?
किसी भी व्यक्ति को अपना ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक विवरण न दें। याद रखें कि सरकारी अधिकारी जनगणना के लिए आपसे पैसे या निजी डिजिटल पिन नहीं मांगते हैं।