Delhi: दिल्ली पुलिस की नॉर्थ-वेस्ट जिला पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने APK फाइल के जरिए धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी को बिहार के जमुई से गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने एक व्यक्ति के
Delhi: दिल्ली पुलिस की नॉर्थ-वेस्ट जिला पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने APK फाइल के जरिए धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी को बिहार के जमुई से गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने एक व्यक्ति के बैंक खाते से करीब 3.99 लाख रुपये की ठगी की थी।
कैसे हुआ यह पूरा फ्रॉड
शकुर बस्ती के रहने वाले एक व्यक्ति को eSIM में बदलने के लिए कॉल आया था। जब व्यक्ति ने इस ऑफर को मना कर दिया, तो अचानक उसका मोबाइल नेटवर्क बंद हो गया। इसके बाद जालसाजों ने उसके नंबर पर फर्जी तरीके से eSIM जारी करवा लिया और उसका आधार लॉक कर दिया। इसके बाद आरोपी ने ई-कॉमर्स अकाउंट के जरिए उसके क्रेडिट कार्ड से 3.99 लाख रुपये की खरीदारी की।
बिहार से हुई गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस ने तकनीकी जांच और सर्विलांस की मदद से आरोपी की लोकेशन जमुई, बिहार में ट्रैक की। स्थानीय पुलिस के सहयोग से 26 साल के सचिन कुमार को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से दो मोबाइल फोन और दो LED TV बरामद हुए हैं, जिन्हें उसने ठगी के पैसों से खरीदा था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने इंटरनेट के ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म से डेटा चोरी करने के तरीके सीखे थे।
पुलिस की कार्रवाई और केस की डिटेल
इस मामले में 8 फरवरी को ई-एफआईआर दर्ज की गई थी। नॉर्थ-वेस्ट जिला पुलिस के साइबर सेल ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। डीसीपी नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली ने इस कामयाबी की जानकारी साझा की है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल थे और कितने लोग इस फ्रॉड का शिकार हुए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
APK फ्रॉड और eSIM स्कैम क्या होता है?
इसमें जालसाज फर्जी ऐप (APK) या सिम स्विचिंग के जरिए आपके फोन का कंट्रोल ले लेते हैं। इस केस में आरोपी ने फर्जी eSIM जारी करवाकर यूजर का नेटवर्क बंद किया और उसके क्रेडिट कार्ड से पैसे निकाल लिए।
पुलिस ने आरोपी के पास से क्या-क्या बरामद किया?
बिहार के जमुई से गिरफ्तार आरोपी सचिन कुमार के पास से दो मोबाइल फोन और दो LED टीवी बरामद किए गए हैं, जो ठगी की रकम से खरीदे गए थे।