Delhi: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 1991 के एक पुराने मर्डर और लूट के मामले को सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले के आरोपी छवि लाल वर्मा को पंजाब के लुधियाना से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने करीब 35 साल पहले एक मकान मालकि
Delhi: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 1991 के एक पुराने मर्डर और लूट के मामले को सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले के आरोपी छवि लाल वर्मा को पंजाब के लुधियाना से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने करीब 35 साल पहले एक मकान मालकिन की हत्या की थी और उसके बेटे पर हमला किया था।
क्या था 1991 का पूरा मामला?
यह घटना 2 अगस्त 1991 को पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके के वेस्ट विनोद नगर में हुई थी। आरोपी छवि लाल वर्मा उस मकान में किराएदार था। उसने लूट के इरादे से अपनी मकान मालकिन और उनके बेटे पर धारदार हथियार से हमला किया था। मकान मालकिन की गर्दन पर गहरे जख्म होने की वजह से उनकी मौत हो गई, जबकि उनके बेटे के चेहरे पर चोटें आईं, जिन्हें इलाज के बाद बचा लिया गया। आरोपी को लगा था कि मकान मालकिन के पास काफी कैश होगा क्योंकि उनके पति विदेश में रहते थे।
कैसे बचा गिरफ्तारी से और कहां मिला आरोपी?
जुर्म करने के बाद आरोपी फरार हो गया था और 10 मई 1996 को कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। पकड़े जाने के डर से उसने अपनी पहचान बदल ली और कई शहरों में छोटे-मोटे काम किए।
- वह कोलकाता, मुंबई, नागपुर और गोवा जैसे शहरों में रहा।
- उसने टेलर, पेंटर और क्लीनर के तौर पर काम किया।
- पकड़े जाने के डर से वह अपने पुश्तैनी गांव सुल्तानपुर (UP) भी नहीं गया।
- उसने अपने बच्चों की शादी तक अटेंड नहीं की ताकि उसकी पहचान उजागर न हो।
पुलिस ने कैसे की गिरफ्तारी?
क्राइम ब्रांच के इंटर-स्टेट सेल (ISC) ने इस पुराने केस को फिर से खोला। पिछले छह महीनों से एक स्पेशल टीम तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी जुटा रही थी। टीम ने उसके रिश्तेदारों और गांव में पूछताछ की, जिससे पता चला कि वह लुधियाना में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा है। डीसीपी आदित्य गौतम के मुताबिक, इंस्पेक्टर मनमीत मलिक और एसीपी रमेश चंद्र के नेतृत्व में टीम ने 10 अप्रैल 2026 को उसे लुधियाना से दबोच लिया।