Delhi: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने साउथ-ईस्ट दिल्ली के सरिता विहार इलाके में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस की एंटी एक्सटॉर्शन किडनैपिंग सेल ने 14 और 15 अप्रैल 2026 की दरमियानी रात एक मुठभेड़ के बाद छह बांग्लादे
Delhi: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने साउथ-ईस्ट दिल्ली के सरिता विहार इलाके में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस की एंटी एक्सटॉर्शन किडनैपिंग सेल ने 14 और 15 अप्रैल 2026 की दरमियानी रात एक मुठभेड़ के बाद छह बांग्लादेशी डकैतों को गिरफ्तार किया। ये लोग अवैध रूप से भारत में रह रहे थे और अमीर परिवारों को निशाना बनाकर लूटपाट करते थे।
मुठभेड़ कैसे हुई और क्या बरामद हुआ
पुलिस को खबर मिली थी कि सरिता विहार में कुछ बांग्लादेशी नागरिक छिपकर रह रहे हैं। जब क्राइम ब्रांच की टीम ने इलाके की घेराबंदी की, तो बदमाशों ने पुलिस पर तीन राउंड फायरिंग की। पुलिस ने भी अपनी सुरक्षा के लिए तीन राउंड गोलियां चलाईं। इस दौरान किसी को गोली नहीं लगी और पुलिस ने सभी छह आरोपियों को धर दबोचा।
| बरामद सामान |
संख्या/विवरण |
| देसी कट्टे (पिस्टल) |
3 से 4 |
| देसी 12 बोर बंदूक |
1 |
| कारतूस |
5 |
| चाकू |
1 बटनदार |
| अन्य |
सेंधमारी के उपकरण |
कौन हैं ये गिरफ्तार डकैत और क्या था इनका तरीका
पकड़े गए आरोपियों की पहचान सुमन हौलधर उर्फ पन्नू (35), सैफुल इस्लाम (31), सोहेल शेख (35), मोहम्मद नासिर (48), नूर इस्लाम उर्फ नदीम खान (56) और जाकिर (40) के रूप में हुई है। यह गिरोह बहुत शातिर था और ‘वारदात करो और छिप जाओ’ के तरीके पर काम करता था। ये लोग बुजुर्गों और अमीर परिवारों को निशाना बनाते थे और पकड़े जाने के डर से मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे।
किन राज्यों में सक्रिय था यह गैंग
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह दिल्ली के अलावा गोवा, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों में कई सालों से सक्रिय था। ये लोग अवैध तरीके से सीमा पार कर भारत आते थे, डकैती करते थे और फिर वापस बांग्लादेश भाग जाते थे। पुलिस के मुताबिक, यह गैंग अलग-अलग राज्यों में लूटपाट और हत्या के कम से कम 14 मामलों में शामिल है। इस ऑपरेशन के दौरान उनके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे, जिनकी तलाश जारी है।