Delhi: दिल्ली पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया है जो साइबर अपराधियों को ‘म्यूल अकाउंट’ (किराये के बैंक खाते) और सिम कार्ड मु
Delhi: दिल्ली पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया है जो साइबर अपराधियों को ‘म्यूल अकाउंट’ (किराये के बैंक खाते) और सिम कार्ड मुहैया कराते थे। ये लोग कमीशन के बदले बैंक खाते और एटीएम कार्ड देते थे, जिनका इस्तेमाल लोगों को ठगने के लिए किया जाता था।
यह गैंग कैसे करता था लोगों से धोखाधड़ी?
पकड़े गए आरोपी फर्जी इन्वेस्टमेंट स्कीम और पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर लोगों को झांसा देते थे। ठगी के पैसे को छिपाने के लिए ये लोग गेमिंग एप्लीकेशन और दिल्ली में चल रहे एक बेटिंग कॉल सेंटर का इस्तेमाल करते थे। इससे पैसे का असली स्रोत पता लगाना मुश्किल हो जाता था। पुलिस ने लक्ष्मी नगर में इस गिरोह का एक मुख्य ऑपरेशन सेंटर भी ढूंढा है।
छापेमारी में क्या-क्या सामान मिला?
दिल्ली पुलिस की साउथ-वेस्ट जिला टीम ने दिल्ली के अलावा नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद में भी छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण और दस्तावेज बरामद किए हैं:
| बरामद सामान |
संख्या/रकम |
| नकद राशि |
79,000 रुपये |
| मोबाइल फोन |
28 |
| बैंक पासबुक |
17 |
| एटीएम कार्ड |
23 |
| लैपटॉप |
3 |
साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की अन्य बड़ी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने ‘ऑपरेशन CyHawk 4.0’ के तहत पिछले कुछ दिनों में कई बड़े वारंट execute किए हैं। इसमें 20 राज्यों में 600 से ज्यादा टीमों ने काम किया और करीब 660 संदिग्धों को पकड़ा। पुलिस ने करीब 519 करोड़ रुपये की ठगी की रकम को ट्रैक किया है। इसके अलावा, मेयूर विहार से सिम बॉक्स चलाने वाले और गोविंदपुरी से फर्जी वेट-लॉस प्रोडक्ट बेचने वाले ठगों को भी गिरफ्तार किया गया है।