Delhi: दिल्ली के पॉश इलाके संसद मार्ग में पुलिस ने एक ऐसी धोखाधड़ी पकड़ी है जिसने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है जो लग्जरी कार पर फर्जी स्टीकर लगाकर खुद को उत्तर प्र
Delhi: दिल्ली के पॉश इलाके संसद मार्ग में पुलिस ने एक ऐसी धोखाधड़ी पकड़ी है जिसने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है जो लग्जरी कार पर फर्जी स्टीकर लगाकर खुद को उत्तर प्रदेश का जज बता रहे थे। ये लोग बिना नंबर वाली गाड़ी में काली फिल्म लगाकर पुलिसकर्मियों पर धौंस जमाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने इनकी पोल खोल दी।
कैसे हुआ इन फर्जी जजों का भंडाफोड़?
यह मामला 5 अप्रैल 2026 की शाम करीब 5 बजे का है जब संसद मार्ग थाने की पुलिस टीम चेकिंग पर तैनात थी। इंस्पेक्टर मनोज भाटिया की टीम ने एक बिना नंबर वाली MG Hector कार को आते देखा। गाड़ी की खिड़कियों पर काली फिल्म लगी थी और उस पर न्यायाधीश उत्तर प्रदेश सरकार का स्टीकर लगा हुआ था। जब पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो सूर्या अग्रवाल नाम का युवक खुद को सिविल जज बताने लगा। शक होने पर जब उसकी आईडी मांगी गई तो वह फर्जी निकली, जिसके बाद पुलिस ने सूर्या और उसके साथी निखिल यादव को हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से क्या सामान जब्त किया?
तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से कई ऐसी चीजें मिलीं जो किसी बड़ी साजिश की तरफ इशारा करती हैं। पुलिस ने इस कार्रवाई में निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
- एक पिस्टल और कुल नौ जिंदा कारतूस
- उत्तर प्रदेश सिविल जज का एक फर्जी पहचान पत्र
- हथियार ले जाने की फर्जी अनुमति का पत्र
- न्यायाधीश उत्तर प्रदेश सरकार लिखा हुआ स्टीकर और बिना नंबर की कार
जांच में पता चला कि सूर्या अग्रवाल पेशे से वकील है और उसने दिल्ली में धौंस जमाने के लिए फर्जी जज की पहचान बनाई थी। उसके पास यूपी का शस्त्र लाइसेंस तो था लेकिन वह दिल्ली में मान्य नहीं था। अब पुलिस ने इन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।