Delhi: दिल्ली पुलिस की शाहदरा जिला स्पेशल स्टाफ टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के एक बड़े नेटवर्क को चलाने वाली 54 साल की कुसुम को गिरफ्तार कर लिया है। कुसुम एक घोषित अपराधी थी और पिछले दो मही
Delhi: दिल्ली पुलिस की शाहदरा जिला स्पेशल स्टाफ टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के एक बड़े नेटवर्क को चलाने वाली 54 साल की कुसुम को गिरफ्तार कर लिया है। कुसुम एक घोषित अपराधी थी और पिछले दो महीने से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। वह दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में ड्रग्स सप्लाई का नेटवर्क चला रही थी।
कुसुम की गिरफ्तारी और पुलिस का ऑपरेशन कैसे हुआ?
कुसुम को पकड़ने के लिए पुलिस ने काफी मेहनत की। वह अपनी लोकेशन और सिम कार्ड लगातार बदल रही थी और डिजिटल ट्रैकिंग से बचने के लिए स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं कर रही थी। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए ये कदम उठाए:
- 200 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले गए।
- 100 से अधिक मोबाइल फोन रिकॉर्ड्स की जांच की गई।
- दिल्ली, हरियाणा और यूपी में कई जगहों पर छापेमारी हुई।
- कुसुम की गिरफ्तारी पर 50,000 रुपये का इनाम भी रखा गया था।
जब पुलिस ने उसे घेरा तो उसने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उसे काबू कर लिया। यह ऑपरेशन इंस्पेक्टर महेश कसाना ने ACP मोहिंदर सिंह की देखरेख में चलाया।
ड्रग्स नेटवर्क और परिवार का कनेक्शन क्या है?
कुसुम का आपराधिक इतिहास काफी पुराना है और वह 2003 से ड्रग्स के मामलों में शामिल रही है। उसके परिवार के कई सदस्य भी इस धंधे में शामिल पाए गए हैं। पुलिस ने इस सिंडिकेट की कमर तोड़ने के लिए सख्त कदम उठाए हैं।
| सदस्य का नाम |
स्थिति/जुड़ाव |
| कुसुम |
मुख्य मास्टरमाइंड (गिरफ्तार) |
| दीपा और चिकू (बेटियां) |
MCOCA एक्ट के तहत न्यायिक हिरासत में |
| अमित (बेटा) |
मार्च 2026 में गिरफ्तार |
| हरिओम और रवि |
रैकेट से जुड़े सहयोगी |
पुलिस ने जुलाई 2025 में कुसुम की 4 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी, जिसमें 8 प्रॉपर्टी शामिल हैं। सुल्तानपुरी स्थित उसका घर किसी किले जैसा था, जिसका इस्तेमाल ड्रग्स के काम के लिए किया जाता था।
कुसुम पर कौन सी कानूनी धाराएं लगी हैं?
कुसुम पर NDPS एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं और रोहिणी कोर्ट ने अगस्त 2025 में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। पुलिस ने उसके खिलाफ MCOCA (महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट) जैसे कड़े कानून का इस्तेमाल किया है। DCP (Outer) सचिन शर्मा ने बताया कि उसकी बेटियों पर भी MCOCA लगाया गया है ताकि इस पूरे नेटवर्क की आर्थिक कमर तोड़ी जा सके।