Delhi: दिल्ली पुलिस अब अपराध रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लेगी। इसके तहत DCP रैंक और उससे ऊपर के सीनियर अधिकारी शहर के 100 पुलिस स्टेशनों को गोद लेंगे ताकि वहां जरूरी सुधार किए जा सकें। यह पूरा प्लान
Delhi: दिल्ली पुलिस अब अपराध रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लेगी। इसके तहत DCP रैंक और उससे ऊपर के सीनियर अधिकारी शहर के 100 पुलिस स्टेशनों को गोद लेंगे ताकि वहां जरूरी सुधार किए जा सकें। यह पूरा प्लान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर तैयार किया गया है, जिसका मकसद पुलिसिंग को आधुनिक बनाना और अपराधियों पर नकेल कसना है।
AI तकनीक से कैसे बदलेगी पुलिसिंग
पुलिस अब AI आधारित प्रेडिक्टिव पुलिसिंग का इस्तेमाल करेगी। इससे उन इलाकों की पहचान होगी जहां अपराध ज्यादा होते हैं और वहां गश्त बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही शहर में CCTV कैमरों का जाल बिछाया जाएगा जिनमें फेशियल रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली तकनीक) होगी। CCTNS और ‘क्राइम कुंडली’ जैसे डेटाबेस को जोड़ा जाएगा ताकि अपराधियों का रिकॉर्ड तुरंत मिल सके।
सुरक्षा के लिए कौन सी नई मशीनें और सिस्टम आएंगे
दिल्ली पुलिस ने C-DOT के साथ हाथ मिलाया है जिससे फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) और सुरक्षित बातचीत के लिए SAMVAD प्लेटफॉर्म लागू होगा। इसके अलावा, जून 2026 तक एक बड़ा कंट्रोल सेंटर (C4I) तैयार होगा, जो पूरे शहर की निगरानी करेगा। इसमें नंबर प्लेट पहचानने और संदिग्ध व्यवहार को पकड़ने वाली तकनीक होगी, जो 5 सेकंड के अंदर रिजल्ट देगी।
आम जनता को क्या फायदे होंगे
निर्भया फंड से करीब 800 करोड़ रुपये के खर्च से ‘Safe City Project’ शुरू होगा, जिसमें 10,000 AI कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे मुसीबत के समय अपने आप अलर्ट भेजेंगे। लापता बच्चों को खोजने और साइबर क्राइम को रोकने के लिए भी इस तकनीक का इस्तेमाल होगा। पारदर्शिता के लिए पुलिसकर्मी अब बॉडी-वर्न कैमरा पहनेंगे और मोहल्ला कमिटियों के जरिए लोगों से सीधा जुड़ाव बढ़ाया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Safe City Project क्या है और इससे क्या फायदा होगा?
यह निर्भया फंड से 800 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है। इसके तहत दिल्ली में 10,000 AI कैमरे लगाए जाएंगे जो रियल-टाइम जानकारी देंगे और मुसीबत के समय ऑटोमैटिक अलर्ट भेजेंगे।
पुलिस स्टेशनों को गोद लेने का क्या मतलब है?
DCP रैंक के सीनियर अधिकारी 100 पुलिस स्टेशनों की जिम्मेदारी लेंगे। वे वहां AI तकनीक लागू करने, रिस्पॉन्स टाइम सुधारने और पुलिसिंग को बेहतर बनाने के लिए काम करेंगे।