Delhi की अनधिकृत कॉलोनियों में मकानों की मिलेगी पक्की रजिस्ट्री, PM-UDAY योजना के लिए ऐसे करें आवेदन
Delhi: दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए मालिकाना हक पाने का सुनहरा मौका है। PM-UDAY योजना के जरिए अब लोग अपनी प्रॉपर्टी की कानूनी रजिस्ट्री करा सकेंगे। इससे न केवल घर के कागजात पक्के होंगे, बल
Delhi: दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए मालिकाना हक पाने का सुनहरा मौका है। PM-UDAY योजना के जरिए अब लोग अपनी प्रॉपर्टी की कानूनी रजिस्ट्री करा सकेंगे। इससे न केवल घर के कागजात पक्के होंगे, बल्कि भविष्य में मकान की खरीद-बिक्री और बैंक से होम लोन लेना भी काफी आसान हो जाएगा।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य दिल्ली की उन कॉलोनियों को नियमित करना है जो 1 जून 2014 तक मौजूद थीं और जिनमें कम से कम 50% निर्माण कार्य पूरा हो चुका था। DDA इस पूरी प्रक्रिया को संभाल रहा है और आवेदन के लिए ऑनलाइन पोर्टल pmuday.ncog.gov.in शुरू किया गया है।
आवेदन करने का पूरा तरीका
अगर आप भी अपनी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराना चाहते हैं, तो इन स्टेप्स को फॉलो करें:
- रजिस्ट्रेशन: सबसे पहले PM-UDAY पोर्टल या मोबाइल ऐप पर जाकर अपनी और संपत्ति की जानकारी, ईमेल और मोबाइल नंबर दर्ज करें। इसके बाद आपको एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा।
- फॉर्म भरना: पोर्टल पर लॉग इन करके आवेदन के भाग-1 में कॉलोनी, मंजिल और मालिकाना हक की पूरी जानकारी भरें, जिसके बाद एक केस आईडी जेनरेट होगी।
- GIS सर्वे: अपनी संपत्ति की सटीक सीमाओं के लिए लिस्टेड एजेंसी से जीआईएस सर्वे करवाएं।
- दस्तावेज अपलोड: आधार कार्ड, वोटर आईडी, बिजली-पानी के बिल और स्वामित्व प्रमाण जैसे GPA या एग्रीमेंट टू सेल को पीडीएफ बनाकर पोर्टल पर अपलोड करें।
- भुगतान और रजिस्ट्री: दस्तावेजों के वेरिफिकेशन के बाद DDA आपसे तय शुल्क मांगेगा। ऑनलाइन पेमेंट करने के बाद आपको कन्वेंस डीड या ऑथोराइजेशन स्लिप मिल जाएगी।
क्या बढ़ेंगी प्रॉपर्टी की कीमतें?
विशेषज्ञों का मानना है कि कानूनी मालिकाना हक मिलने से इन इलाकों में प्रॉपर्टी के दाम बढ़ सकते हैं। जब मकान की पक्की रजिस्ट्री होगी, तो लोगों को सुरक्षा का अहसास होगा और बैंक आसानी से लोन देंगे, जिससे मार्केट में डिमांड बढ़ेगी। साथ ही, नियमितीकरण के बाद सड़कों, पानी और सीवरेज जैसे बुनियादी ढांचे में सुधार होने की उम्मीद है, जिससे जीवन स्तर बेहतर होगा।
महत्वपूर्ण अपडेट और नियम
सरकार ने प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कुछ नियमों में ढील दी है। अब निजी भूमि के मामले में पूरे प्लॉट पर अधिकार मिलेंगे और ‘वसीयत’ देना अनिवार्य नहीं रखा गया है। हाल ही में दिल्ली सरकार ने इस काम में तेजी लाने के लिए केंद्र से 100 करोड़ रुपये की मदद मांगी है, ताकि सभी 13 जिलों में PM-UDAY सेल बनाए जा सकें और 45 दिनों के भीतर दस्तावेज जारी किए जा सकें।