Delhi में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर, Nayara Energy ने घटाई कीमतें; जानिए ताजा रेट
Finance: दिल्ली और देश के कई हिस्सों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर लोग नजर रखे हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन सरकारी तेल कंपनियों ने फिलहाल रेट में कोई बदलाव नहीं
Finance: दिल्ली और देश के कई हिस्सों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर लोग नजर रखे हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन सरकारी तेल कंपनियों ने फिलहाल रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। वहीं, एक निजी कंपनी ने ग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए कीमतों में कटौती की है।
दिल्ली में सरकारी पंपों पर पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं। 1 जुलाई 2026 को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर रही। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियों ने पिछले करीब एक महीने से कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
दूसरी तरफ, निजी ईंधन रिटेलर Nayara Energy ने देशभर में पेट्रोल के दाम 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर कम कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी की वजह से कंपनी ने यह फैसला लिया है। पिछले दो साल में किसी कंपनी द्वारा कीमतों में यह पहली बड़ी कटौती है।
| विवरण | सरकारी OMC (दिल्ली) | Nayara Energy (बदलाव) |
|---|---|---|
| पेट्रोल कीमत | ₹102.12 / लीटर | ₹5 प्रति लीटर की कमी |
| डीजल कीमत | ₹95.20 / लीटर | ₹3 प्रति लीटर की कमी |
| कीमत की स्थिति | स्थिर (कोई बदलाव नहीं) | कीमतें घटाई गईं |
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने कीमतों में बढ़ोतरी की खबरों को गलत बताया है। मंत्रालय ने साफ किया कि दाम बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। सरकार का कहना है कि पिछले चार साल से भारत में ईंधन की कीमतें स्थिर रखने की कोशिश की गई है ताकि आम जनता पर बोझ न पड़े।
एक और जरूरी अपडेट यह है कि सरकार ने डीजल की खरीद पर लगी 200 लीटर की दैनिक सीमा को 1 जुलाई 2026 से हटा लिया है। यह नियम कालाबाजारी रोकने के लिए 12 मई 2026 को लागू किया गया था। अब ग्राहक बिना किसी सीमा के डीजल ले सकेंगे।
हालांकि, भारत द्वारा आयात किए जाने वाले कच्चे तेल की औसत कीमत 30 जून 2026 को 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे गिर गई थी, लेकिन सरकारी कंपनियों द्वारा तुरंत दाम घटाने की उम्मीद कम है क्योंकि वे पुराने नुकसान की भरपाई करना चाहती हैं।