Delhi: राजधानी में पारा 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से लोग भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं। इस वजह से घरों और दफ्तरों में AC और कूलर का इस्तेमाल बढ़ गया है, जिससे बिजली की खपत ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 21 म
Delhi: राजधानी में पारा 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से लोग भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं। इस वजह से घरों और दफ्तरों में AC और कूलर का इस्तेमाल बढ़ गया है, जिससे बिजली की खपत ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 21 मई को दोपहर के समय बिजली की मांग अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।
बिजली की मांग में कितनी बढ़ोतरी हुई और क्या है अनुमान
राज्य लोड डिस्पैच सेंटर (SLDC) के आंकड़ों के मुताबिक, 21 मई 2026 को दोपहर 3:31 बजे दिल्ली की पीक पावर डिमांड 8,231 मेगावाट दर्ज की गई। इससे ठीक एक दिन पहले 20 मई को भी यह मांग 8,039 मेगावाट रही थी। SLDC का अनुमान है कि इस सीजन में डिमांड 9,000 मेगावाट के पार जा सकती है और कुछ मामलों में यह 9,200 मेगावाट तक भी पहुंच सकती है। इस साल अप्रैल में ही मांग 7,000 मेगावाट को पार कर गई थी, जो आमतौर पर मई में होता था।
बिजली कंपनियां मांग को कैसे पूरा कर रही हैं
BSES और टाटा पावर (TPDDL) जैसी वितरण कंपनियों ने दावा किया है कि वे बढ़ती मांग को सफलतापूर्वक पूरा कर रही हैं। कंपनियों ने इसके लिए केरल, छत्तीसगढ़, मणिपुर और मुंबई जैसे राज्यों के साथ बैंकिंग व्यवस्था और दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौतों का सहारा लिया है। साथ ही, मांग का सही अंदाजा लगाने के लिए AI और मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सप्लाई बनाए रखने के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं
बिजली आपूर्ति को बिना किसी बड़ी कटौती के चलाने के लिए BSES क्षेत्रों में लगभग 2,670 मेगावाट हरित ऊर्जा का इस्तेमाल हो रहा है। इसमें सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट शामिल हैं। नेटवर्क में किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए थर्मो-स्कैनिंग के जरिए हॉट-स्पॉट की जांच की जा रही है, हालांकि लोड बढ़ने की वजह से कुछ इलाकों में छोटी-मोटी ट्रिपिंग की समस्या देखी गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में अब तक की सबसे ज्यादा बिजली की मांग कितनी रही?
21 मई 2026 को दोपहर 3:31 बजे दिल्ली की पीक पावर डिमांड 8,231 मेगावाट दर्ज की गई, जो इस महीने की अब तक की सबसे अधिक मांग है।
आने वाले दिनों में बिजली की मांग कितनी रहने का अनुमान है?
राज्य लोड डिस्पैच सेंटर (SLDC) के अनुसार, इस गर्मी के सीजन में दिल्ली की पीक डिमांड 9,000 मेगावाट से ऊपर जा सकती है, जो 9,200 मेगावाट तक भी पहुंच सकती है।