Delhi: पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज इलाके में मोमोज खाने के बाद कई लोग अचानक बीमार हो गए। आचार्य निकेतन के पास स्थित एक दुकान से मोमोज खाने वाले 12 से 15 लोगों को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई। इनमें कई बच्चे भी शामिल हैं
Delhi: पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज इलाके में मोमोज खाने के बाद कई लोग अचानक बीमार हो गए। आचार्य निकेतन के पास स्थित एक दुकान से मोमोज खाने वाले 12 से 15 लोगों को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई। इनमें कई बच्चे भी शामिल हैं, जिनमें से एक बच्चे की हालत ज्यादा खराब है और उसे Max Hospital में भर्ती कराया गया है।
दुकान में क्या मिली गड़बड़ी और MCD ने क्या एक्शन लिया?
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय निगम पार्षद रेनू चौधरी और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ‘आनंद फास्ट फूड’ नाम की दुकान का निरीक्षण किया। जांच के दौरान वहां बेहद गंदगी मिली। अधिकारियों के मुताबिक दुकान में 20 से 25 दिन पुराने मोमोज और सड़ी हुई चटनी रखी हुई थी। इस लापरवाही को देखते हुए MCD ने दुकान का लाइसेंस रद्द कर दिया है, परिसर को सील कर दिया है और वहां मौजूद सारी खाने-पीने की सामग्री को नष्ट कर दिया है।
पीड़ितों की स्थिति और कानूनी कार्रवाई
बीमार हुए लोगों को पहले कुकरेजा अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद ज्यादातर लोगों को छुट्टी दे दी गई। हालांकि, एक गंभीर रूप से बीमार बच्चे का इलाज अभी Max Hospital में चल रहा है। पुलिस अब दुकान के मालिक की तलाश कर रही है, जो घटना के बाद से फरार है। जांच में यह भी पता चला कि दुकान पर नाबालिग बच्चों से काम कराया जा रहा था, जो श्रम कानूनों का उल्लंघन है।
असुरक्षित भोजन पर क्या कहता है कानून?
FSSAI के पूर्व निदेशक प्रदीप चक्रवर्ती ने बताया कि खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम की धारा 59 के तहत असुरक्षित भोजन खिलाने पर सख्त सजा का प्रावधान है। चोट की गंभीरता के आधार पर इसमें छह महीने से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग की यह जिम्मेदारी है कि वह समय-समय पर दुकानों से नमूने लेकर उनकी जांच कराए ताकि लोग सुरक्षित रहें।