Delhi: राजधानी के पटपड़गंज इलाके में स्थित एक फास्ट फूड दुकान से मोमोज खाने के बाद 12 से ज्यादा लोग बीमार हो गए। बीमार होने वालों में कई बच्चे भी शामिल हैं, जिनमें से एक बच्चे की हालत काफी गंभीर बनी हुई है। यह घटना शनिवा
Delhi: राजधानी के पटपड़गंज इलाके में स्थित एक फास्ट फूड दुकान से मोमोज खाने के बाद 12 से ज्यादा लोग बीमार हो गए। बीमार होने वालों में कई बच्चे भी शामिल हैं, जिनमें से एक बच्चे की हालत काफी गंभीर बनी हुई है। यह घटना शनिवार, 19 अप्रैल 2026 को हुई, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
आनंद फास्ट फूड में क्या हुई लापरवाही
जांच में सामने आया कि आचार्य निकेतन में स्थित ‘आनंद फास्ट फूड’ नाम की दुकान पर साफ-सफाई का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा जा रहा था। MCD की जांच के मुताबिक, दुकान में रखे मोमोज 20-25 दिन पुराने थे और चटनी सड़ चुकी थी। दुकान से तेज बदबू आ रही थी। इस लापरवाही की वजह से लोगों को उल्टी, पेट दर्द और बेचैनी जैसी समस्याएं हुईं। गंभीर हालत वाले बच्चे, मनु राज को कुकरेजा अस्पताल से मैक्स अस्पताल रेफर किया गया है।
MCD और प्रशासन ने क्या कार्रवाई की
घटना के बाद MCD के जन स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। अधिकारियों ने दुकान में मौजूद संदिग्ध खाने के सामान को जब्त कर नष्ट कर दिया है। दुकान का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है और उसे सील कर दिया गया है। चूंकि दुकान किराए पर थी, इसलिए उसे खाली भी करा लिया गया है। दुकान का मालिक फिलहाल फरार है और पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अब पूरे दिल्ली में होगी दुकानों की जांच
इस घटना के बाद MCD ने पूरे शहर में अलर्ट जारी किया है। जन स्वास्थ्य विभाग ने दिल्ली के सभी 12 जोन के डिप्टी हेल्थ ऑफिसर्स (DHOs) को निर्देश दिए हैं कि वे सभी खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी चालान लगाया जाएगा और उनकी दुकानें सील की जाएंगी। FSSAI के पूर्व निदेशक प्रदीप चक्रवर्ती ने बताया कि असुरक्षित भोजन खिलाने के मामले में दोषी को 6 महीने से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।