Delhi: लॉरेंस बिश्नोई केस के आरोपी प्रवीण वधवा की अंतरिम जमानत बढ़ी, 3 जुलाई को करना होगा सरेंडर

Delhi: पटियाला हाउस कोर्ट ने लॉरेंस बिश्नोई और बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़े UAPA केस के आरोपी प्रवीण वधवा की अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ा दी है। प्रवीण वधवा को उसकी हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी के बाद रिकवरी के लिए यह राह

Delhi: पटियाला हाउस कोर्ट ने लॉरेंस बिश्नोई और बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़े UAPA केस के आरोपी प्रवीण वधवा की अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ा दी है। प्रवीण वधवा को उसकी हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी के बाद रिकवरी के लिए यह राहत दी गई है। कोर्ट ने उसे अब 3 जुलाई 2026 की शाम 5 बजे तक जेल में सरेंडर करने का आदेश दिया है।

वकेशन जज सौरभ प्रताप सिंह लालर ने मेडिकल दस्तावेजों और प्रवीण वधवा के पिछले आचरण को देखते हुए यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने माना कि टोटल हिप रिप्लेसमेंट जैसी बड़ी सर्जरी के बाद ठीक होने में समय लगता है और मरीज को रिहैबिलिटेशन की जरूरत होती है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि यह केवल मेडिकल आधार पर दी गई अंतरिम जमानत का विस्तार है, न कि नियमित जमानत।

प्रवीण वधवा उर्फ प्रिंस पर UAPA के तहत गंभीर आरोप हैं। NIA के मुताबिक, वह लॉरेंस बिश्नोई टेरर सिंडिकेट का करीबी सहयोगी है और गैंग के सदस्यों के बीच बातचीत और तालमेल बिठाने में अहम भूमिका निभाता था। NIA ने इस मामले में साल 2022 में केस दर्ज किया था और प्रवीण वधवा 17 मई 2023 से हिरासत में था। उसे पहली बार 8 मई 2026 को सर्जरी के लिए अंतरिम जमानत मिली थी।

सुनवाई के दौरान आरोपी की तरफ से एडवोकेट दीक्षा द्विवेदी और NIA की तरफ से काउंसिल जतिन और अमित रोहिला पेश हुए। कोर्ट ने UAPA की धारा 43D(5) के तहत नियमित जमानत के कड़े नियमों का जिक्र किया, लेकिन इस मामले में केवल सर्जरी के बाद की रिकवरी को प्राथमिकता दी गई।