Delhi: हत्या की कोशिश के मामले में 4 आरोपी बरी, Patiala House Court ने सबूतों की कमी पर सुनाया फैसला

Delhi: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने हत्या की कोशिश के एक पुराने मामले में चार आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने पाया कि सरकारी वकील आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को पूरी तरह साबित नहीं कर पाए। एडिशनल सेशंस जज धी

Delhi: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने हत्या की कोशिश के एक पुराने मामले में चार आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने पाया कि सरकारी वकील आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को पूरी तरह साबित नहीं कर पाए। एडिशनल सेशंस जज धीरेंद्र राणा ने इस मामले की सुनवाई की और अपना फैसला सुनाया।

यह पूरा मामला 5 जुलाई 2017 का है। आरोप था कि परवेज, पुनीत, विनय और एक अन्य व्यक्ति ने अमित नाम के शख्स के साथ झगड़ा किया और उसकी हत्या करने की कोशिश की। पुलिस ने इन चारों के खिलाफ IPC की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 323 (चोट पहुँचाना), 506 (धमकाना), 341 (गलत तरीके से रोकना) और 34 (साझा इरादा) के तहत केस दर्ज किया था।

कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा कि किसी भी आपराधिक मुकदमे में आरोपी का दोष साबित करने की जिम्मेदारी सरकारी पक्ष की होती है। जज धीरेंद्र राणा ने बताया कि अगर सबूतों में थोड़ा भी संदेह होता है, तो उसका फायदा आरोपी को मिलना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि अभियोजन पक्ष को केवल ‘हो सकता है’ से आगे बढ़कर ‘यही हुआ है’ तक अपनी बात साबित करनी होती है।

बरी करने की मुख्य वजह यह रही कि शिकायतकर्ता अमित, जो इस घटना में घायल हुआ था, समन मिलने के बाद भी कोर्ट में पेश नहीं हुआ। जब मुख्य गवाह और पीड़ित ही गवाही देने नहीं आया, तो कोर्ट के लिए आरोपों को सच मानना मुश्किल हो गया। बाकी गवाह केवल पुलिस विभाग के अधिकारी थे, जिनकी बातों से आरोपियों का गुनाह साबित नहीं हुआ। कोर्ट ने 8 जून को यह आदेश जारी किया था, जिसकी चर्चा अब सामने आई है।