Delhi: राजधानी में गाड़ियां खड़ी करने की जगह न होना अब सिर्फ ट्रैफिक जाम की समस्या नहीं रहा, बल्कि यह लोगों की जान का दुश्मन बन गया है। पार्किंग को लेकर होने वाले आपसी झगड़े अब हत्याओं तक पहुँच रहे हैं। शहर में पार्किंग
Delhi: राजधानी में गाड़ियां खड़ी करने की जगह न होना अब सिर्फ ट्रैफिक जाम की समस्या नहीं रहा, बल्कि यह लोगों की जान का दुश्मन बन गया है। पार्किंग को लेकर होने वाले आपसी झगड़े अब हत्याओं तक पहुँच रहे हैं। शहर में पार्किंग की कोई एक ठोस नीति न होने और अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल की कमी की वजह से आम जनता परेशान है।
पार्किंग विवाद से क्यों बढ़ रहा है खतरा
दिल्ली में इस समय लगभग 87 लाख गाड़ियां रजिस्टर्ड हैं, जिनमें से करीब 70% गाड़ियां सड़कों या अवैध पार्किंग में खड़ी होती हैं। इस वजह से सड़कों पर जगह कम हो गई है और विवाद बढ़ गए हैं। हाल ही में दक्षिण दिल्ली के तारा अपार्टमेंट में पार्किंग विवाद के कारण दो लोगों की हत्या कर दी गई। इसके अलावा बिहारी कॉलोनी में भी अवैध पार्किंग को लेकर मारपीट और तनाव की खबरें आई थीं। दिल्ली पुलिस को हर साल पार्किंग विवादों को लेकर 7 से 8 हजार कॉल आते हैं।
सरकारी नियम और लागू होने में देरी
पार्किंग की समस्या सुलझाने के लिए सरकार ने कई बार कोशिश की, लेकिन वे कागजों से बाहर नहीं आ पाईं। 23 मार्च 2019 को ‘पार्किंग एरिया मैनेजमेंट प्लान’ (PAMP) अधिसूचित किया गया था, जिसे चार महीने में लागू होना था, लेकिन सात साल बाद भी यह लागू नहीं हो सका। DDA ने जुलाई 2021 में पार्किंग मानदंडों की एक ड्राफ्ट नीति को मंजूरी दी थी। वहीं, MCD ने अवैध पार्किंग पर जुर्माना लगाने की घोषणा की है।
जुर्माना और नए नियम क्या हैं
| वाहन का प्रकार |
जुर्माना राशि (प्रतिदिन) |
संस्था |
| दोपहिया वाहन |
300 रुपये |
MCD |
| कार और अन्य वाहन |
2000 रुपये |
MCD |
MCD ने 130 सरफेस पार्किंग स्थलों को सुधारने के लिए एक मास्टरप्लान बनाया है। अब पार्किंग कर्मचारियों के लिए वर्दी पहनना जरूरी होगा ताकि ओवरचार्जिंग को रोका जा सके। इसके अलावा, मार्च 2025 में दिल्ली सरकार ने स्कूलों के पास होने वाले जाम को रोकने के लिए पुलिस से मदद मांगी थी।