Delhi: राजधानी के कनॉट प्लेस स्थित पालिका बाजार में 17 मई, 2026 को एक बड़े स्तर पर एंटी-टेरर मॉक ड्रिल की गई। सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक चले इस अभ्यास का मकसद किसी भी आतंकी हमले जैसी आपात स्थिति में पुलिस और अन
Delhi: राजधानी के कनॉट प्लेस स्थित पालिका बाजार में 17 मई, 2026 को एक बड़े स्तर पर एंटी-टेरर मॉक ड्रिल की गई। सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक चले इस अभ्यास का मकसद किसी भी आतंकी हमले जैसी आपात स्थिति में पुलिस और अन्य एजेंसियों की तैयारी को परखना था। इस दौरान यह देखा गया कि संकट के समय अलग-अलग टीमें आपस में कैसे तालमेल बिठाती हैं और बचाव अभियान कितनी तेजी से चलाती हैं।
मॉक ड्रिल में किन एजेंसियों ने लिया हिस्सा?
इस अभ्यास की निगरानी नई दिल्ली जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने की। इसमें कनॉट प्लेस थाना पुलिस के साथ स्पेशल सेल के SWAT कमांडो, बम निरोधक दस्ता (BDS), डॉग स्क्वॉड और दिल्ली फायर सर्विस शामिल थे। इसके अलावा CATS एंबुलेंस, PCR स्टाफ, NDMC, फॉरेंसिक टीम और लेडी हार्डिंग अस्पताल की मेडिकल टीम ने भी अपनी भूमिका निभाई।
ड्रिल के दौरान क्या-क्या हुआ?
अभ्यास के दौरान पालिका बाजार में एक संदिग्ध आतंकी और बंधक जैसी स्थिति बनाई गई। सूचना मिलते ही सभी टीमों ने इलाके को घेर लिया और SWAT कमांडो ने तलाशी अभियान चलाया। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने संवेदनशील जगहों की जांच की। इस दौरान दो लोगों को ‘आतंकियों’ से छुड़ाकर एंबुलेंस के जरिए लेडी हार्डिंग अस्पताल पहुंचाया गया और दो नकली आतंकियों को AK-47 राइफल और गोला-बारूद के साथ पकड़ने का प्रदर्शन किया गया।
सुरक्षा के लिए क्या है ‘ब्लैक रोज़’ योजना?
उपायुक्त पुलिस सचिन शर्मा ने बताया कि इस मॉक ड्रिल से एजेंसियों की समन्वय क्षमता का आकलन करने में मदद मिली। इसी दिन दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले के संवेदनशील इलाकों में ‘ब्लैक रोज़’ योजना के तहत सुरक्षा और तोड़फोड़-रोधी अभ्यास भी किया। पुलिस का मानना है कि ऐसे अभ्यासों से किसी भी असली खतरे से निपटने की तैयारी बेहतर होती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पालिका बाजार में मॉक ड्रिल कब और क्यों की गई?
यह ड्रिल 17 मई, 2026 को सुबह 10:30 से दोपहर 12:45 तक की गई। इसका उद्देश्य आतंकी हमले जैसी स्थिति में पुलिस और अन्य बचाव एजेंसियों की तैयारी और तालमेल को परखना था।
मॉक ड्रिल के दौरान कौन-कौन सी टीमें शामिल थीं?
इसमें SWAT कमांडो, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड, दिल्ली फायर सर्विस, NDMC, फॉरेंसिक टीम और लेडी हार्डिंग अस्पताल की मेडिकल टीम जैसे कई विभाग शामिल थे।