Delhi के O-Zone में बुलडोजर एक्शन की तैयारी, 22 किलोमीटर के इलाके की 90 से ज्यादा कॉलोनियों पर खतरा

Delhi: दिल्ली के यमुना खादर यानी ओ-जोन (O-Zone) में बसी बस्तियों पर अब खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। दिल्ली हाई कोर्ट और एनजीटी के आदेश के बाद डीडीए (DDA) इस इलाके में कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। करीब 22 किलोमीटर में फैल

Delhi: दिल्ली के यमुना खादर यानी ओ-जोन (O-Zone) में बसी बस्तियों पर अब खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। दिल्ली हाई कोर्ट और एनजीटी के आदेश के बाद डीडीए (DDA) इस इलाके में कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। करीब 22 किलोमीटर में फैले इस क्षेत्र में कई कॉलोनियां आती हैं, जहां अवैध निर्माण को लेकर सख्ती बढ़ सकती है।

क्या है दिल्ली का O-Zone और यहां क्या नियम हैं?

ओ-जोन का मतलब यमुना नदी के आसपास का वह इलाका है जिसे दिल्ली मास्टर प्लान 2021 के तहत पर्यावरण के लिए संवेदनशील माना गया है। यह जोन वजीराबाद से ओखला तक करीब 20 से 22 किलोमीटर तक फैला हुआ है। सरकारी नियमों के मुताबिक, इस इलाके में किसी भी तरह का पक्का निर्माण या कमर्शियल काम करना मना है।

DDA की अब तक की कार्रवाई और सर्वे की स्थिति

DDA ने इस पूरे इलाके का ड्रोन सर्वे शुरू किया है ताकि अवैध कब्जों की सही पहचान हो सके। अधिकारियों ने बताया कि वे इलाके में नोटिस बोर्ड लगा रहे हैं ताकि लोगों को नियमों की जानकारी रहे। हालांकि, DDA ने फिलहाल किसी बड़े ध्वस्तीकरण अभियान की योजना से इनकार किया है, लेकिन हाई कोर्ट ने 25 जुलाई 2026 तक इस पर रिपोर्ट मांगी है।

कितने लोग और कॉलोनियां हो सकती हैं प्रभावित?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ओ-जोन में करीब 91 से 94 कॉलोनियां आती हैं। अगर बड़े पैमाने पर कार्रवाई होती है, तो लगभग 15 लाख घर प्रभावित हो सकते हैं। हाल ही में अप्रैल 2026 में मदनपुर खादर और झंगोला जैसे इलाकों में अतिक्रमण हटाकर करीब सात एकड़ जमीन खाली कराई गई थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

दिल्ली का O-Zone असल में क्या है?

यह यमुना नदी का बाढ़ प्रभावित क्षेत्र (floodplain) है, जो वजीराबाद से ओखला तक फैला है। इसे पर्यावरण बचाने के लिए संवेदनशील क्षेत्र माना गया है, जहां निर्माण कार्य प्रतिबंधित है।

क्या अभी बुलडोजर एक्शन शुरू हो गया है?

DDA फिलहाल ड्रोन सर्वे और सीमांकन (demarcation) कर रहा है। अधिकारियों ने कहा है कि अभी कोई बड़ा अभियान प्लान नहीं है, लेकिन कोर्ट की निगरानी में रिपोर्ट तैयार की जा रही है।