Delhi: Northwest Delhi के लोगों के लिए अच्छी खबर है। भारतीय रेलवे ने इलाके में ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए दो बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है। दिल्ली सरकार ने रविवार, 10 मई 2026 को इस बात की जानकारी
Delhi: Northwest Delhi के लोगों के लिए अच्छी खबर है। भारतीय रेलवे ने इलाके में ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए दो बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है। दिल्ली सरकार ने रविवार, 10 मई 2026 को इस बात की जानकारी दी। इन प्रोजेक्ट्स के बनने से सड़क पर गाड़ियों का दबाव कम होगा और लोगों का सफर आसान हो जाएगा।
किन दो प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी और क्या होगा फायदा
रेलवे ने इन दोनों प्रोजेक्ट्स के लिए तकनीकी जांच के बाद NOC दे दी है। मुख्य रूप से इन दो कामों पर जोर दिया गया है:
- हैदरपुर-बडली रेलवे ओवरब्रिज (ROB): यह Outer Ring Road पर बनेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा मुकरबा चौक पर होगा, जो दिल्ली के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक है। पुल चौड़ा होने से यहां ट्रैफिक जाम कम होगा।
- शालिमार बाग से संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर एलिवेटेड लूप: यह लूप रेलवे ट्रैक के ऊपर से बनेगा। इससे इस पूरे इलाके की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और गाड़ियों को लंबा चक्कर नहीं काटना पड़ेगा।
सरकार और रेलवे के बीच क्या हुई शर्तें
दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने बताया कि सरकार राजधानी में एक आधुनिक और सुरक्षित ट्रांसपोर्ट नेटवर्क बनाना चाहती है। उन्होंने इन प्रोजेक्ट्स के लिए प्रधानमंत्री Narendra Modi और रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw का शुक्रिया अदा किया। PWD ने इसके लिए जरूरी नक्शे और तकनीकी प्रस्ताव Northern Railway को भेजे थे।
रेलवे ने मंजूरी देते हुए यह शर्त रखी है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा के सभी नियमों का पालन करना होगा। सारा काम तकनीकी देखरेख में होगा ताकि ट्रेनों के संचालन और ट्रैफिक फ्लो पर कोई बुरा असर न पड़े। DRM ने इन प्रोजेक्ट्स के लिए इन-प्रिंसिपल NOC जारी कर दी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुकरबा चौक के जाम से राहत कैसे मिलेगी?
हैदरपुर-बडली के पास रेलवे ओवरब्रिज (ROB) को चौड़ा किया जाएगा, जिससे Outer Ring Road पर गाड़ियों की आवाजाही आसान होगी और मुकरबा चौक पर लगने वाला भारी जाम कम होगा।
शालिमार बाग और संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर के बीच क्या बदलाव होगा?
इन दोनों इलाकों को जोड़ने के लिए एक एलिवेटेड लूप बनाया जाएगा जो रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा, जिससे कनेक्टिविटी बेहतर होगी और समय की बचत होगी।