Delhi-NCR: दिल्ली और नोएडा में 1 जून 2026 को हवा की क्वालिटी अलग-अलग रही। दिल्ली में बारिश और तेज हवाओं की वजह से लोगों को राहत मिली है और हवा साफ हुई है, लेकिन नोएडा के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर अभी भी खराब बना हुआ
Delhi-NCR: दिल्ली और नोएडा में 1 जून 2026 को हवा की क्वालिटी अलग-अलग रही। दिल्ली में बारिश और तेज हवाओं की वजह से लोगों को राहत मिली है और हवा साफ हुई है, लेकिन नोएडा के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर अभी भी खराब बना हुआ है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
दिल्ली और नोएडा में AQI की क्या है स्थिति?
दिल्ली में हवा की गुणवत्ता में सुधार देखा गया है। अलग-अलग रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली का AQI 85 से 104 के बीच रहा, जिसे संतोषजनक और मध्यम श्रेणी में रखा गया है। वहीं नोएडा की बात करें तो यहां हालात थोड़े चिंताजनक हैं। नोएडा का औसत AQI 107 से 135 के बीच रहा। नोएडा के सेक्टर-62 में सबसे ज्यादा 223 AQI दर्ज किया गया, जबकि सेक्टर-1 में हवा अच्छी रही और वहां AQI 50 पाया गया।
प्रदूषण को लेकर सरकार और CAQM ने क्या कदम उठाए?
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में हवा सुधरने के बाद GRAP-1 के प्रतिबंधों को हटा दिया है। अब होटलों और रेस्टोरेंट में तंदूर के लिए कोयले और लकड़ी का इस्तेमाल फिर से हो सकेगा। साथ ही, जरूरी काम के लिए डीजल जनरेटर चलाने पर लगी रोक भी खत्म कर दी गई है। DPCC अब धूल प्रदूषण को रोकने के लिए DUST पोर्टल 2.0 लाने की तैयारी में है, जिसमें AI कैमरों से निर्माण स्थलों की निगरानी होगी।
आने वाले दिनों में मौसम और हवा का क्या हाल रहेगा?
मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक 4 जून तक दिल्ली-एनसीआर में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे तापमान में गिरावट आएगी और 6 जून तक पारा 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने की उम्मीद है। स्काईमेट वेदर ने भी बताया है कि जून के पहले हफ्ते में लू चलने की संभावना नहीं है, जिससे लोगों को गर्मी और प्रदूषण दोनों से राहत मिल सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली और नोएडा में AQI का क्या अंतर है?
1 जून 2026 को दिल्ली का AQI 85 से 104 के बीच रहा जो संतोषजनक श्रेणी में है, जबकि नोएडा का AQI 107 से 223 के बीच दर्ज किया गया, जो खराब से अस्वस्थ श्रेणी में आता है।
GRAP-1 हटने से आम लोगों और दुकानदारों को क्या फायदा होगा?
GRAP-1 हटने से अब होटलों और रेस्टोरेंट में तंदूर के लिए कोयले और लकड़ी का इस्तेमाल किया जा सकेगा और आपातकालीन स्थिति में डीजल जनरेटर चलाने पर लगी रोक हट गई है।