Delhi: राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब शहर के किसी भी पेट्रोल पंप से ईंधन लेने के लिए वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) दिखाना जरूरी होगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कर
Delhi: राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब शहर के किसी भी पेट्रोल पंप से ईंधन लेने के लिए वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) दिखाना जरूरी होगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कर दिया है कि बिना PUC के किसी भी वाहन को तेल नहीं दिया जाएगा।
नियम कब से लागू हुआ और क्या है नया आदेश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 22 अप्रैल 2026 को इस नियम को स्थायी रूप से लागू करने की घोषणा की थी। इसके बाद 23 अप्रैल 2026 से दिल्ली के सभी पेट्रोल पंपों और गैस आउटलेट्स पर इसे सख्ती से लागू कर दिया गया है। अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि यदि कोई पंप बिना PUC के तेल देता है, तो उस एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
किन वाहनों पर लागू होगा यह नियम और क्या है कानून
यह नियम दिल्ली में चलने वाले सभी प्रकार के वाहनों के लिए अनिवार्य है। इसमें पेट्रोल, डीजल, CNG और LPG से चलने वाली सभी गाड़ियां शामिल हैं। केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के मुताबिक, गाड़ी के रजिस्ट्रेशन की एक साल की अवधि खत्म होने के बाद हर वाहन के पास वैध PUC सर्टिफिकेट होना जरूरी है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार की रणनीति
- मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रदूषण के सभी स्रोतों के खिलाफ ‘जीरो-टोलरेंस’ नीति अपनाने की बात कही है।
- पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के अनुसार, यह नीति GRAP-IV प्रतिबंध हटने के बाद भी जारी रहेगी।
- इस अभियान में परिवहन विभाग, दिल्ली पुलिस और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) जैसी संस्थाएं मिलकर काम कर रही हैं।