Delhi: दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को रोकने के लिए एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अब राजधानी में ‘No PUC, No Fuel’ नीति को स्थायी कर दिया गया है। इसका मतलब है कि जिस वाहन के पास वैध Pollution Under Control (PUC) स
Delhi: दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को रोकने के लिए एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अब राजधानी में ‘No PUC, No Fuel’ नीति को स्थायी कर दिया गया है। इसका मतलब है कि जिस वाहन के पास वैध Pollution Under Control (PUC) सर्टिफिकेट नहीं होगा, उसे किसी भी पेट्रोल पंप या गैस आउटलेट से पेट्रोल, डीजल, CNG या LPG नहीं मिलेगा।
किन वाहनों पर लागू होगा यह नियम और क्या हैं शर्तें?
यह नियम दिल्ली के सभी पेट्रोल पंपों और गैस स्टेशनों पर लागू है। सरकार ने साफ किया है कि बिना सर्टिफिकेट के ईंधन देना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस नीति के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- यह नियम पेट्रोल, डीजल, CNG और LPG सभी तरह के ईंधन पर लागू होगा।
- सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स, 1989 के नियम 115 (सब-रूल 7) के तहत रजिस्ट्रेशन के एक साल बाद हर वाहन का PUC सर्टिफिकेट होना जरूरी है।
- 15 साल से पुराने पेट्रोल और 10 साल से पुराने डीजल वाहनों को PUC सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा, जिससे वे सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।
नियम तोड़ने पर कितना लगेगा जुर्माना और कौन करेगा निगरानी?
इस नीति को सख्ती से लागू करने के लिए दिल्ली सरकार ने अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी तय की है। Transport Department, MCD, Food and Supplies Department और Delhi Traffic Police मिलकर इसकी निगरानी करेंगे। नियम का उल्लंघन करने वालों के लिए भारी जुर्माने का प्रावधान है:
| उल्लंघन |
जुर्माना/कार्रवाई |
| बिना PUC वाहन चलाना |
10,000 रुपये तक का जुर्माना |
| दस्तावेजों की कमी |
वाहन जब्त किया जा सकता है |
| बार-बार नियम तोड़ना |
3 महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड |
सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?
मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने बताया कि दिल्ली की हवा को साफ करने और प्रदूषण कम करने के लिए ऐसे कड़े कदम उठाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को स्वस्थ बनाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण फैसला है। यह कदम CAQM द्वारा जारी संशोधित Graded Response Action Plan (GRAP) के भी अनुरूप है, जिसमें प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कड़ी नजर रखने की बात कही गई है।