Delhi: PFI के 20 सदस्यों पर देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप, कोर्ट ने शुरू किया ट्रायल

Delhi: राजधानी दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने प्रतिबंधित संगठन Popular Front of India (PFI) के संस्थापक चेयरमैन Erappungal Abubacker समेत 20 सदस्यों और खुद संगठन के खिलाफ आतंकी साजिश के मामले में औपचारिक आरोप तय कर दिए

Delhi: राजधानी दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने प्रतिबंधित संगठन Popular Front of India (PFI) के संस्थापक चेयरमैन Erappungal Abubacker समेत 20 सदस्यों और खुद संगठन के खिलाफ आतंकी साजिश के मामले में औपचारिक आरोप तय कर दिए हैं। शनिवार, 11 जुलाई 2026 को स्पेशल NIA कोर्ट ने यह कदम उठाया।

कोर्ट ने पाया कि रिकॉर्ड में मौजूद सबूतों से यह गंभीर शक होता है कि आरोपियों ने भारत की धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक सरकार को उखाड़ फेंकने और 2047 तक शरिया कानून के तहत इस्लामिक खिलाफत स्थापित करने की साजिश रची थी। इसके लिए सशस्त्र संघर्ष का रास्ता अपनाने की योजना थी। स्पेशल NIA जज Prashant Sharma ने इस मामले की सुनवाई की और आरोप तय करने का निर्देश दिया।

NIA की तरफ से स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर Rahul Tyagi और उनकी टीम ने दलीलें पेश कीं। वहीं आरोपियों के वकीलों ने तर्क दिया कि PFI एक समाज कल्याण संस्था थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि PFI और उसके नेता सामाजिक-राजनीतिक गतिविधियों की आड़ में अवैध काम कर रहे थे।

आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (IPC) और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। इनमें देश के खिलाफ युद्ध छेड़ना, आतंकी संगठन के लिए फंड जुटाना, आतंकी कैंप लगाना और ISIS के लिए भर्ती करना जैसे आरोप शामिल हैं। कोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग आरोपियों की भूमिका अलग थी, जिसमें कुछ ने राज्य स्तर पर काम किया तो कुछ ने फंड और ट्रेनिंग का जिम्मा संभाला।

इन सभी आरोपियों को सितंबर 2022 में देशव्यापी कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किया गया था। इसी महीने 28 तारीख को केंद्र सरकार ने PFI को गैरकानूनी संगठन घोषित कर दिया था। शनिवार को कोर्ट में जब आरोप पढ़े गए, तो सभी आरोपियों ने इन्हें नकारा और ट्रायल की मांग की। अब इस मामले में 29 जुलाई 2026 से NIA अपने सबूत पेश करना शुरू करेगी।