Delhi में नई EV पॉलिसी लागू, इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर मिलेगी भारी सब्सिडी; जानिए रजिस्ट्रेशन के नए नियम

Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए नई इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति 2026 लागू कर दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस नीति का लक्ष्य 2030 तक राजधानी में हरित परिवहन प्रणाली को मजबूत करना है। सर

Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए नई इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति 2026 लागू कर दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस नीति का लक्ष्य 2030 तक राजधानी में हरित परिवहन प्रणाली को मजबूत करना है। सरकार चाहती है कि 2027 तक दिल्ली में बिकने वाले 95% नए वाहन इलेक्ट्रिक हों।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, इस योजना से अगले चार साल में नागरिकों को करीब ₹15,000 करोड़ का फायदा मिलेगा। इसमें सरकारी निवेश और टैक्स में छूट शामिल है। सरकार ने साफ किया है कि जिन लोगों के पास पहले से पेट्रोल वाहन हैं और उनकी समय सीमा बची है, उन्हें डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि उन पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।

नई पॉलिसी के तहत सब्सिडी और छूट का विवरण नीचे दी गई टेबल में है:

वाहन का प्रकार सब्सिडी/छूट
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन ₹30,000 तक प्रोत्साहन
इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन ₹50,000 तक प्रोत्साहन
हल्के वाणिज्यिक वाहन (N-1) ₹1 लाख तक प्रोत्साहन
रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क ₹30 लाख तक की कीमत वाले EV पर 100% छूट
पुराने दोपहिया (BS-IV या पुराना) स्क्रैप करने पर ₹10,000 प्रोत्साहन
पुराने चार पहिया वाहन स्क्रैप करने पर ₹1 लाख प्रोत्साहन

पंजीकरण के नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं। 1 जनवरी 2027 से अब केवल इलेक्ट्रिक ऑटो का ही रजिस्ट्रेशन होगा। इसी तरह 1 अप्रैल 2028 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का पंजीकरण किया जाएगा। हालांकि, हाइब्रिड गाड़ियों को इस पॉलिसी में कोई लाभ नहीं दिया गया है। चार्जिंग की सुविधा बढ़ाने के लिए दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (DTL) को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो शहर में 30,000 चार्जिंग पॉइंट लगाएगा।

सब्सिडी की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए 3 जुलाई 2026 को ‘दिल्ली ईवी सब्सिडी पोर्टल’ (evsubsidy.delhi.gov.in) शुरू किया गया है। अब लोग घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। नियम के मुताबिक, गाड़ी खरीदने और RC मिलने के 30 दिनों के भीतर आवेदन करना होगा, जिसके बाद 60 दिनों में पैसा सीधे बैंक खाते में आएगा।

इन सबके बीच पुरानी पॉलिसी का मुद्दा भी चर्चा में है। खबर है कि करीब 4,000 लोग अभी भी ₹7.5 करोड़ की पुरानी सब्सिडी का इंतजार कर रहे हैं, जिससे कुछ लोगों में नई नीति को लेकर संदेह बना हुआ है।