Delhi: दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को कम करने और क्लीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026-2030 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने इस नई नीति के जरिए
Delhi: दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को कम करने और क्लीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026-2030 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने इस नई नीति के जरिए दिल्ली को ग्रीन बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। इस पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने वालों को भारी वित्तीय राहत देने का प्रस्ताव रखा गया है। आम जनता इस ड्राफ्ट पर 10 मई 2026 तक अपनी राय या सुझाव दे सकती है।
नई पॉलिसी में टैक्स और रजिस्ट्रेशन पर क्या राहत मिलेगी?
दिल्ली सरकार की इस नई योजना में 30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कार खरीदने वाले लोगों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100% की छूट दी जाएगी। इसका मतलब है कि गाड़ी की खरीद पर टैक्स के रूप में लगने वाला बड़ा पैसा बचेगा। यह नियम 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रखने का प्रस्ताव है। इसके अलावा हाइब्रिड कारों को लेकर भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 30 लाख रुपये तक की स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड गाड़ियों पर रोड टैक्स में 50% की राहत दी जाएगी। हालांकि, अगर गाड़ी की कीमत 30 लाख रुपये से ज्यादा है, तो उस पर कोई छूट नहीं मिलेगी।
पेट्रोल गाड़ियों पर कब से लगेगी पाबंदी और क्या है समय सीमा?
सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए पेट्रोल और डीजल गाड़ियों के नए रजिस्ट्रेशन को लेकर सख्त समय सीमा तय की है। इसके तहत व्यावसायिक और निजी वाहनों के लिए अलग-अलग नियम बनाए गए हैं।
| तारीख |
किस पर असर पड़ेगा |
| 1 जनवरी 2026 |
एग्रीगेटर्स और डिलीवरी कंपनियां नए पेट्रोल दोपहिया वाहन नहीं जोड़ पाएंगी |
| 1 जनवरी 2027 |
सिर्फ इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर का ही नया रजिस्ट्रेशन होगा |
| 1 अप्रैल 2028 |
दिल्ली में नए पेट्रोल दोपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर पूरी तरह रोक लगेगी |
पुरानी गाड़ी कबाड़ में देने पर मिलेगा भारी इंसेंटिव
नई ईवी पॉलिसी में पुरानी गाड़ियों को हटाने के लिए स्क्रैपिंग इंसेंटिव का भी प्रावधान है। अगर कोई अपनी पुरानी पेट्रोल या डीजल गाड़ी को कबाड़ में देकर नई इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदता है, तो उसे सरकार की तरफ से आर्थिक मदद मिलेगी। दोपहिया वाहनों के लिए यह मदद 10,000 रुपये है, जबकि इलेक्ट्रिक कारों के लिए यह राशि 1 लाख रुपये तक रखी गई है। सरकार यह सारा पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजेगी। इसके अलावा, स्कूल बसों को भी चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक किया जाएगा, जिसका लक्ष्य 2030 तक 30% बसों को इलेक्ट्रिक बनाने का है। दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड को शहर भर में चार्जिंग पॉइंट और बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है।