Delhi: दिल्ली सरकार राजधानी को देश की EV कैपिटल बनाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta और परिवहन मंत्री Pankaj Kumar Singh ने मिलकर नई ‘Delhi EV Policy 2.0’ का ड्राफ्ट तैयार किया है। इस नई योजना का म
Delhi: दिल्ली सरकार राजधानी को देश की EV कैपिटल बनाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta और परिवहन मंत्री Pankaj Kumar Singh ने मिलकर नई ‘Delhi EV Policy 2.0’ का ड्राफ्ट तैयार किया है। इस नई योजना का मकसद दिल्ली की सड़कों को प्रदूषण मुक्त करना और लोगों के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदना आसान बनाना है।
नई EV Policy 2.0 में क्या खास है और कितनी मिलेगी छूट
सरकार ने इस पॉलिसी के लिए करीब 3,954.25 करोड़ रुपये का बजट रखा है। इसमें इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने वालों को सीधे उनके बैंक खाते में पैसे (DBT) दिए जाएंगे। खास बात यह है कि अब पुरानी पेट्रोल-डीजल गाड़ी को कबाड़ (Scrap) करने पर नई EV खरीदने के लिए ज्यादा फायदा मिलेगा।
| गाड़ी का प्रकार |
सब्सिडी/छूट का विवरण |
| इलेक्ट्रिक कार (30 लाख तक) |
रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100% छूट |
| इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (2.25 लाख तक) |
10,000 रुपये प्रति kWh (अधिकतम 30,000 रुपये) |
| इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा |
पहले साल 50,000 रुपये की सब्सिडी |
| इलेक्ट्रिक गुड्स व्हीकल (N1) |
1 लाख रुपये से शुरू सब्सिडी |
| Strong Hybrid गाड़ियां |
रजिस्ट्रेशन फीस में 50% की छूट |
कब से लागू होंगे नए नियम और क्या होगा बदलाव
दिल्ली सरकार ने रजिस्ट्रेशन को लेकर सख्त नियम बनाने का फैसला किया है। 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर का ही नया रजिस्ट्रेशन होगा। इसी तरह 1 अप्रैल 2028 से केवल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर ही रजिस्टर किए जा सकेंगे।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट और चार्जिंग स्टेशन पर जोर
आम जनता की सुविधा के लिए सरकार बसों के बेड़े को बढ़ा रही है। मार्च 2027 तक कुल 7,500 और 2029 तक 12,000 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का लक्ष्य है। हाल ही में CM Rekha Gupta ने 200 नई ई-बसें शुरू की हैं। साथ ही चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए 1,000 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं।
इस ड्राफ्ट पॉलिसी पर आम जनता से सुझाव मांगे गए हैं, जिसके लिए 10 मई 2026 तक फीडबैक दिया जा सकता है।