Delhi में अब हर घर में होंगे स्मोक डिटेक्टर और फायर एक्सटिंगुइशर, सरकार ने तैयार किया 25 साल का मास्टर प्लान

Delhi: राजधानी दिल्ली में आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली सरकार ने अगले 25 सालों के लिए एक नया फायर फाइटिंग मास्टर प्लान तैयार किया है, जिससे शहर की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव आ

Delhi: राजधानी दिल्ली में आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली सरकार ने अगले 25 सालों के लिए एक नया फायर फाइटिंग मास्टर प्लान तैयार किया है, जिससे शहर की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। इस योजना का मकसद आग लगने के बाद उसे बुझाने के बजाय, आग को रोकने और उसकी जल्द पहचान करने पर ज्यादा जोर देना है।

दिल्ली सरकार ने 28 मई 2026 को दिल्ली फायर सर्विस (संशोधन) नियम, 2025 को लागू कर दिया है। नए नियमों के तहत अब बिल्डिंग के मालिक खुद DFS पोर्टल से किसी थर्ड पार्टी ऑडिटर को चुन सकते हैं, जो बिल्डिंग की जांच करेगा और फायर सेफ्टी क्लियरेंस देगा। इससे आम लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही, अब फायर जोन और डिवीजनों को दिल्ली के 13 जिलों के हिसाब से दोबारा बांटा गया है ताकि इमरजेंसी में गाड़ियां जल्दी पहुंच सकें।

सरकार अब कम ऊंचाई वाली इमारतों में भी फायर सेफ्टी नियमों को अनिवार्य बनाने पर विचार कर रही है। दिल्ली फायर सर्विस ने प्रस्ताव दिया है कि सभी रिहायशी मकानों में स्मोक डिटेक्टर और फायर एक्सटिंगुइशर रखना जरूरी हो। यह प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाना है। इसके अलावा, अब इमारतों में ऑटोमेटेड कंटीन्यूअस मॉनिटरिंग सिस्टम (ACMS) लगाना अनिवार्य होगा, जिससे यह पता चलता रहेगा कि फायर सिस्टम सही से काम कर रहे हैं या नहीं।

सुविधा/बदलाव नया प्लान (25 साल का रोडमैप)
फायर स्टेशन स्टेशनों की संख्या लगभग तीन गुना बढ़ाई जाएगी
स्टाफ भर्ती 25,000 से ज्यादा नए कर्मियों की भर्ती होगी
तकनीक AI डिस्पैच, ड्रोन और IoT आधारित अलर्ट सिस्टम
सुरक्षा उपकरण स्मोक डिटेक्टर और स्प्रिंकलर सिस्टम अनिवार्य करने का प्रस्ताव
निर्माण सामग्री कम आग पकड़ने वाले मटेरियल के इस्तेमाल की सलाह
निरीक्षण थर्ड पार्टी ऑडिटर्स के जरिए क्लियरेंस की सुविधा

होम और पावर मिनिस्टर आशीष सूद ने बताया कि यह कदम सरकारी नियमों को सरल बनाने और तकनीक को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी संबंधित विभागों को जवाबदेह बनने का निर्देश दिया है ताकि लापरवाही की वजह से जान-माल का नुकसान न हो। एमसीडी को अवैध निर्माण रोकने और फायर टेंडर्स के लिए रास्ता साफ रखने को कहा गया है, जबकि पावर विभाग को बिजली कनेक्शनों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।