Delhi में NEET प्रदर्शन के दौरान बवाल, जंतर-मंतर के पास पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल

Delhi: देश की राजधानी में NEET मुद्दे पर चल रहा विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। जंतर-मंतर के पास टॉल्स्टॉय मार्ग पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें पत्थरबाजी की खबरें आई हैं। इस हिंसा में एसीपी कनॉट प्लेस व

Delhi: देश की राजधानी में NEET मुद्दे पर चल रहा विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। जंतर-मंतर के पास टॉल्स्टॉय मार्ग पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें पत्थरबाजी की खबरें आई हैं। इस हिंसा में एसीपी कनॉट प्लेस विवेक भगत समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।

पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया। सुरक्षाबलों का कहना है कि प्रदर्शनकारी अचानक हिंसक हो गए और उन पर पथराव शुरू कर दिया। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने पार्लियामेंट स्ट्रीट, कनॉट प्लेस, मंदिर मार्ग, बाराखंबा रोड और कर्तव्य पथ जैसे इलाकों के पुलिस स्टेशनों में 10 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की हैं।

इस बीच राजनीतिक हलचल भी तेज रही। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी दोपहर करीब 2 से 2:30 बजे के बीच प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने जंतर-मंतर पहुंचे। वहीं, सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार संसद में चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन राहुल गांधी ने विरोध खत्म नहीं किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस प्रदर्शन पर चिंता जताई और विपक्ष पर इसे राजनीति से जोड़ने का आरोप लगाया।

कानूनी मोर्चे पर, सर्वोच्च न्यायालय ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ दायर एक याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से मना कर दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता को अदालत का समय बर्बाद न करने की सलाह दी। दूसरी तरफ, 650 से ज्यादा वकीलों और रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने पुलिस द्वारा बल प्रयोग की निंदा की है और इसकी स्वतंत्र जांच की मांग की है।

प्रशासन ने नई दिल्ली जिले में धारा 163 (पुरानी धारा 144) लागू कर रखी है, जिसके तहत बिना अनुमति पांच या ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है। इसका उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत केस चलाया जाएगा। दिल्ली मेट्रो ने स्पष्ट किया है कि उसके सभी स्टेशन यात्रियों के लिए खुले हैं और सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं।