Delhi में NEET पेपर लीक के विरोध में बवाल, 4 जगहों पर झड़पें और 70 से ज्यादा लोग हिरासत में
Delhi: राजधानी दिल्ली में NEET-UG 2026 पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भारी हंगामा हुआ। Cockroach Janta Party (CJP) और सोनम वांगचुक के नेतृत्व में ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान चार अलग-अलग जगहों पर पुलिस और प
Delhi: राजधानी दिल्ली में NEET-UG 2026 पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भारी हंगामा हुआ। Cockroach Janta Party (CJP) और सोनम वांगचुक के नेतृत्व में ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान चार अलग-अलग जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं। इस हिंसा में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं।
दिल्ली पुलिस की एक इंटरनल रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे पहली झड़प संसद मार्ग पर हुई। इसके बाद रेल भवन राउंडअबाउट, जंतर मंतर और कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल से जनपथ तक के इलाके में भी टकराव हुआ। पुलिस का कहना है कि स्थिति को संभालने के लिए ‘माइल्ड फोर्स’ यानी हल्के बल का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, पुलिस ने दावा किया है कि उन्होंने पूरे मामले को प्रोफेशनली हैंडल किया, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी।
इस हिंसा में करीब 200 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। वहीं, करीब 60 से 70 प्रदर्शनकारी भी चोटिल हुए। घायलों का इलाज आरएमएल (RML) अस्पताल में कराया गया, जहां चार प्रदर्शनकारियों को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। घायल पुलिसकर्मियों में सब-इंस्पेक्टर श्रीनिवास शर्मा, हेड कांस्टेबल राजेंद्र और नवीन ओला शामिल हैं, जिन्होंने बताया कि भीड़ ने उन पर पत्थर बरसाए और हमला किया।
CISF के सूत्रों ने माना कि भीड़ का अंदाजा लगाने में गलती हुई। उन्होंने उम्मीद की थी कि करीब 5,000 लोग आएंगे, लेकिन मौके पर 50,000 से ज्यादा प्रदर्शनकारी पहुंच गए। इस मामले में अब तक चार FIR दर्ज हो चुकी हैं और दो और तैयार की जा रही हैं। ये केस भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और पब्लिक प्रॉपर्टी डैमेज एक्ट के तहत दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने 70 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है और उनकी पहचान जांची जा रही है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह हिंसा पहले से प्लान की गई थी। जांच टीम CJP के सदस्यों के बीच हुए चैट मैसेज की जांच कर रही है, जिनमें इंटरनेट बंद होने पर बातचीत करने की रणनीति और ‘जान देने’ जैसे जिक्र मिले हैं। इसके अलावा, सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन वीडियो और मोबाइल वीडियो की मदद से दंगाइयों की पहचान की जा रही है। पुलिस इस मामले में पाकिस्तान से जुड़े किसी गलत सूचना या साजिश के एंगल की भी जांच कर रही है। फिलहाल पूरे शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।